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राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई और भी रोचक बनने जा रही है। बच्चों को सिर्फ किताबों से नहीं, बल्कि रंग-बिरंगे खिलौनों और शैक्षिक खेलों के जरिए भी सिखाया जाएगा। शिक्षा विभाग ने अंत्योदय फाउंडेशन के सहयोग से स्कूलों में ‘खिलौना बैंक’ शुरू करने की तैयारी कर ली है।
खेल के साथ सीखना
इस पहल का मकसद बच्चों में जिज्ञासा, कल्पनाशक्ति और रचनात्मक सोच को बढ़ाना है। अब बच्चे पज़ल, ब्लॉक्स, शैक्षिक खेल और अन्य गतिविधियों के माध्यम से गणित, भाषा, विज्ञान और सामान्य ज्ञान जैसी विषयों को आसान तरीके से समझ सकेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब बच्चे खेलते-खेलते सीखते हैं, तो वे बातों को जल्दी समझते हैं और लंबे समय तक याद भी रखते हैं।
ग्रामीण स्कूलों को भी मिलेगा फायदा
ग्रामीण और सरकारी स्कूलों के बच्चों को अब महंगे शैक्षिक खिलौनों की कमी नहीं खलेगी। वे समूह में खेलते हुए टीमवर्क, आत्मविश्वास और सामाजिक व्यवहार भी सीखेंगे।
इस पहल से स्कूलों का माहौल और भी खुशहाल बनेगा और बच्चों के लिए पढ़ाई एक आनंददायक अनुभव बन जाएगी।
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