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राशन कार्ड ई-केवाईसी की समय सीमा खत्म, 1 लाख से ज्यादा लोगों पर राशन बंद होने का खतरा

बेमेतरा जिले में राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी कराने की अंतिम तारीख खत्म हो चुकी है। इसके बावजूद जिले में 1 लाख से अधिक लोगों ने अब तक अपना सत्यापन नहीं कराया है। ऐसे में उनके सस्ते राशन पर संकट मंडरा रहा है।

लक्ष्य अधूरा, हजारों लोग बाकी

जिले में कुल 9,65,235 हितग्राहियों का ई-केवाईसी सत्यापन किया जाना था। लेकिन अभी भी 1,07,552 लोग इस प्रक्रिया से बाहर हैं। शासन का उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और फर्जी नाम हटाकर असली जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाना है।

हालांकि तकनीकी दिक्कतों और जागरूकता की कमी के कारण यह काम पूरा नहीं हो सका।

चारों ब्लॉकों में हजारों लंबित

बेमेतरा, साजा, नवागढ़ और बेरला ब्लॉक में औसतन 18 से 24 हजार ई-केवाईसी लंबित हैं। ग्रामीण इलाकों में फिंगरप्रिंट न आने, सर्वर धीमा होने और आधार कार्ड में नाम या उम्र की गलती जैसी समस्याएं सामने आई हैं।

इसके अलावा कई लोग रोजगार के लिए बाहर गए हुए हैं, जिससे सत्यापन में परेशानी हो रही है।

राशन आवंटन पर असर

जनवरी और फरवरी में जिन लोगों ने ई-केवाईसी नहीं कराई थी, उनका राशन रोक दिया गया था। अभी राशन दुकानों पर सिर्फ उन्हीं सदस्यों को चावल, शक्कर और अन्य सामग्री मिल रही है जिनका आधार सत्यापन पूरा हो चुका है।

प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि जो लोग जानबूझकर प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, उनके नाम राशन कार्ड से हटाए जा सकते हैं।

ग्रामीण और शहरी आंकड़े

  • ग्रामीण क्षेत्रों में 8,68,583 में से 7,74,026 लोगों का सत्यापन हुआ है। 94,557 अभी बाकी हैं।

  • शहरी क्षेत्रों में 96,652 में से 83,657 का सत्यापन हो चुका है। 12,995 लोग अभी भी बचे हैं।

इतनी बड़ी संख्या में लोगों का सत्यापन न होना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

खाद्यान्न कोटे में कमी

पहले जिले को लगभग 9 लाख क्विंटल चावल मिलता था, लेकिन अब यह घटकर करीब 8.50 लाख क्विंटल रह गया है। ई-केवाईसी न कराने वालों की संख्या के अनुसार राशन में कटौती की जा रही है।

नियम के अनुसार:

  • एक सदस्य वाले कार्ड पर 10 किलो

  • दो सदस्यों पर 20 किलो

  • तीन से पांच सदस्यों वाले परिवार को 35 किलो चावल प्रति माह मिलता है

हालांकि निराश्रित, दिव्यांग और अंत्योदय परिवारों के राशन में फिलहाल बड़ी कटौती नहीं की गई है।

हर 5 साल में जरूरी है ई-केवाईसी

सरकारी नियम के अनुसार हर 5 साल में ई-केवाईसी कराना जरूरी है। इससे मृत या दूसरे राज्य में चले गए लोगों के नाम हटाए जा सकते हैं और “एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड” योजना सही तरीके से लागू हो सकती है।

अब जिले के सामने मार्च के अंत तक 100% लक्ष्य पूरा करने की बड़ी चुनौती है।

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