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बिलौआ की काले पत्थर की खदानों में हुई गोलीबारी और उपद्रव के मामले में आरोपी संदीप शर्मा को बड़ा झटका लगा है। जिला न्यायालय ने 2020 में मिली उसकी जमानत रद्द कर दी है और उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।
कोर्ट ने कहा कि आरोपी ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है और दोबारा अपराध किया है।
पुलिस ने कोर्ट में रखे ये तथ्य
मुरार थाना पुलिस ने अदालत में रिपोर्ट पेश कर बताया कि 28 सितंबर 2017 को गंगा सिंह भदौरिया की शिकायत पर संदीप शर्मा, राजेश शर्मा, सोनू शर्मा और उनके साथियों के खिलाफ हत्या (धारा 302) सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
इस मामले में संदीप शर्मा को 26 जून 2020 को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी। जमानत की शर्त थी कि ट्रायल के दौरान वह कोई नया अपराध नहीं करेगा।
दोबारा दर्ज हुआ मामला
पुलिस के अनुसार 2 फरवरी 2026 को बिलौआ थाना क्षेत्र में संदीप शर्मा और उसके साथियों के खिलाफ फिर से मामला दर्ज हुआ। इस मामले में खदानों में उपद्रव और गोलीबारी की शिकायत सामने आई।
पुलिस ने इसे जमानत की शर्त का उल्लंघन बताते हुए कोर्ट से जमानत रद्द करने की मांग की।
कोर्ट ने जमानत रद्द की
पुलिस और आरोपी दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने माना कि आरोपी ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है। इसके बाद कोर्ट ने संदीप शर्मा की जमानत रद्द कर गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।
आरोपी ने हाजिरी से मांगी छूट
पुलिस के आवेदन के बाद कोर्ट ने आरोपी को नोटिस भेजा था, लेकिन संदीप शर्मा अदालत में पेश नहीं हुआ। उसके वकील ने अदालत में हाजिरी माफी का आवेदन दिया।
वकील ने तर्क दिया कि आरोपी पर नया मामला दर्ज हुआ है, लेकिन अपराध अभी साबित नहीं हुआ है, इसलिए पुरानी जमानत रद्द नहीं की जानी चाहिए।
पुलिस का तर्क
पुलिस ने अदालत को बताया कि जमानत की शर्त में साफ लिखा था कि अगर ट्रायल के दौरान आरोपी दोबारा अपराध करता है तो जमानत स्वतः रद्द हो जाएगी।
इसी आधार पर कोर्ट ने जमानत निरस्त करने का फैसला लिया।
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