Related Articles
सिवनी जिले में पानी की समस्या धीरे-धीरे गंभीर होती जा रही है। भीमगढ़ बांध का जल स्तर लगातार घट रहा है। 14 फरवरी को बांध का जल स्तर 511.90 मीटर था, जो 27 फरवरी तक घटकर 510.30 मीटर रह गया। अधिकारियों के अनुसार बांध का पानी रोज लगभग 15 सेंटीमीटर कम हो रहा है।
चिंता की बात यह है कि अभी गर्मी पूरी तरह शुरू भी नहीं हुई है, फिर भी कई गांवों में पानी की कमी महसूस होने लगी है। पिछले साल भी शहर और गांवों में लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा था और इस बार भी ऐसी स्थिति बनने की संभावना है।
कई गांवों में पेयजल योजना के नलकूप और बोरवेल सूखने लगे हैं, जिससे पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को जल्दबाजी में नए बोरवेल करवाने पड़ रहे हैं। हालांकि विभाग का कहना है कि कुछ ही गांवों में यह समस्या है और इसे दूर करने के लिए काम किया जा रहा है।
जिले में लगातार गिरते भूजल स्तर के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है। कई जगह हैंडपंप भी सूख गए हैं और लोगों को पानी के लिए आंदोलन तक करना पड़ रहा है। पिछले एक महीने में कई गांवों के लोग सड़क पर उतरकर प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
जिले के कई इलाकों को भूजल की कमी के कारण डार्क जोन माना जाता है। इसके बावजूद कई जगह बिना रोक-टोक नए नलकूप खोदे जा रहे हैं। इससे भूजल स्तर और तेजी से गिर रहा है।
वैनगंगा नदी और अन्य तालाबों से भी किसान मोटर पंप लगाकर लगातार पानी निकाल रहे हैं। जल संरक्षण के लिए अभी तक सख्त कार्रवाई नहीं होने के कारण नदियों और तालाबों का जल स्तर भी कम होता जा रहा है।
पीएचई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर स्थिति ऐसी ही रही तो मार्च या अप्रैल में जिले को जल अभावग्रस्त घोषित किया जा सकता है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सतही जल आधारित योजनाओं पर काम किया जा रहा है। अभी तक लगभग 50 प्रतिशत गांवों को इन योजनाओं से जोड़ा जा चुका है और बाकी गांवों के लिए भी नई परियोजनाएं तैयार की जा रही हैं।
CHANNEL009 Connects India
