Related Articles
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा है कि चुनाव आयोग आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि चुनाव का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
हर मतदान केंद्र पर होगी वेबकास्टिंग
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि चुनाव के दौरान हर मतदान केंद्र पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की व्यवस्था की जाएगी। इससे मतदान प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और किसी भी गड़बड़ी को रोका जा सकेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। हाल ही में जारी मतदाता सूची में करीब 7.08 करोड़ नाम शामिल हैं, जबकि वर्तमान में 6.44 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान के लिए पात्र हैं।
युवाओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान
युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। ये अधिकारी कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में अभियान चलाकर नए मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करेंगे।
चुनाव की तैयारियों की समीक्षा
चुनाव आयोग की पूरी टीम पिछले दो दिनों से पश्चिम बंगाल में चुनाव तैयारियों की समीक्षा कर रही है। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) से भी चर्चा की गई और नए मतदाताओं को प्रतीकात्मक रूप से मतदाता पहचान पत्र भी दिए गए।
राज्य में 294 विधानसभा सीटें
पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं। इनमें
-
210 सीटें सामान्य वर्ग के लिए
-
68 सीटें अनुसूचित जाति (SC) के लिए
-
16 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं।
चुनाव प्रक्रिया में किए गए नए फैसले
चुनाव आयोग ने इस बार कुछ नए नियम भी लागू किए हैं।
-
डाक मतपत्रों की गिनती ईवीएम की गिनती से पहले पूरी की जाएगी।
-
अगर ईवीएम और वीवीपैट के परिणाम में अंतर मिलता है तो वीवीपैट पर्चियों की पूरी गिनती की जाएगी।
-
कोई भी हारने वाला उम्मीदवार मतगणना के 7 दिन के अंदर शुल्क देकर अपनी ईवीएम की जांच करवा सकता है।
कानून-व्यवस्था पर रहेगा सख्त नियंत्रण
चुनाव आयोग ने राज्य की कानून-व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि चुनाव के दौरान कानून का सख्ती से पालन कराया जाए और किसी भी तरह की हिंसा या डर का माहौल न बनने दिया जाए।
CHANNEL009 Connects India
