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राजस्थान के अजमेर शहर में यातायात की समस्या को हल करने के लिए आउटर रिंग रोड परियोजना की योजना बनाई गई है। इसे पूरा होने पर शहर की सड़कें खाली होंगी और ट्रैफिक जाम कम होगा।
अजमेर धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से खासा महत्वपूर्ण शहर है। यहां पुष्कर और ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के कारण सालभर लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। साथ ही, शहर में कई विभागों के मुख्यालय होने से रोजाना आवागमन का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
परियोजना और बजट
- राज्य सरकार ने वर्ष 2025-26 के बजट में इस परियोजना के डीपीआर (DPR) तैयार करने के लिए 3 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
- लागत: लगभग 892 करोड़ रुपये।
- योजना तैयार होने के बाद अब केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार है।
फायदे और उद्देश्य
- शहर के भीतर ट्रैफिक जाम कम होगा।
- बाहरी वाहनों को डायवर्ट कर शहर की सड़कों पर दबाव घटेगा।
- आम लोगों को राहत मिलेगी और पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा।
केंद्रीय अधिकारियों से बैठक
अजमेर विधायक वासुदेव देवनानी ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी से मुलाकात कर परियोजना और शहर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की।
इस रिंग रोड परियोजना से अजमेर और पुष्कर की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान को बनाए रखते हुए शहर की यातायात समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा।
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