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श्रीगंगानगर। इस बार गेहूं खरीद का समय कम होने से किसानों और प्रशासन दोनों के सामने नई चुनौती है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद की अवधि 16 मार्च से 31 मई 2026 तक सीमित कर दी है, जबकि पहले यह 30 जून तक होती थी। किसानों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 25 मई रखी गई है, जिससे सीमित समय में उपज बेचने का दबाव बढ़ गया है।
बारदाने की कमी से परेशानी
श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ मंडल में 12.16 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य है। इसके लिए लगभग 48 हजार बैल्स बारदाने चाहिए, लेकिन अब तक केवल 20 हजार बैल्स उपलब्ध हैं। शेष की आपूर्ति प्रक्रिया में है। बारदाने समय पर न मिलने से खरीद प्रभावित होने का खतरा है।
मंडियों में तैयारियां
मंडल प्रबंधक और एफसीआई के अधिकारियों ने सभी मंडियों में गेहूं खरीद के लिए व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की मीटिंग की। कम समय और बड़े लक्ष्य के कारण इस बार की खरीद प्रशासन के लिए परीक्षा साबित हो सकती है।
किसानों से खरीद की प्रक्रिया
- किसान से खरीद उनकी गिरदावरी और बोए गए क्षेत्र के आधार पर तय होगी।
- पटवारी सर्कल की औसत उपज से अधिकतम मात्रा निर्धारित की जाएगी।
- अब तकनीकी त्रुटियों को दूर कर वास्तविक उत्पादन के अनुसार सीमा तय की जा रही है, हालांकि कुछ किसान इससे असंतुष्ट हैं।
आंकड़े
- पंजीकृत किसान: 27,320
- कुल खरीद लक्ष्य: 12.16 लाख मीट्रिक टन
- श्रीगंगानगर: 4.90 लाख टन
- हनुमानगढ़: 7.25 लाख टन
- कुल केंद्र: 141
- बारदाने की जरूरत: 48 हजार बैल्स
- उपलब्ध: 20 हजार बैल्स
मंडल प्रबंधक रजनीश कुमार के अनुसार, 20 हजार बैल्स बारदाने उपलब्ध हो चुके हैं, 7 हजार शीघ्र पहुंच जाएंगे और शेष की आपूर्ति उच्च स्तर पर जारी है।
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