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राजस्थान में अप्रैल में बेमौसमी बारिश ने तो हलचल मचा दी है, लेकिन आगामी मानसून को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से कमजोर रहने की संभावना है।
मानसून का ताजा पूर्वानुमान
- निजी एजेंसी स्काई मेट के अनुसार जून से सितंबर तक 94% वर्षा होने के आसार हैं।
- यह सामान्य वर्षा से लगभग 6% कम है।
- भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), नई दिल्ली, अप्रेल के अंत में आधिकारिक मानसून पूर्वानुमान जारी करेगा।
राजस्थान में सूखे की आशंका
- राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में अगस्त-सितंबर के दौरान वर्षा सामान्य से कम होने की संभावना है।
- इस साल सूखे की संभावना 30% और सामान्य से कम बारिश की 40% संभावना बताई जा रही है।
कमजोर मानसून के कारण
- एजेंसी ने बताया कि अल नीनो का मजबूत होना इस साल मानसून कमजोर रहने का मुख्य कारण है।
- मानसून के पहले चरण में अल नीनो सक्रिय रहेगा और साल के अंत तक और मजबूत होने के संकेत हैं।
- मानसून के दूसरे चरण में अच्छी बारिश होने की संभावना अनिश्चित है।
किसानों के लिए चिंता
- कमजोर मानसून के कारण खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है।
- इससे देश में कृषि उत्पादन और खाद्यान्न पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है।
राजस्थान और मध्य-पश्चिमी भारत के लिए यह मानसून किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
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