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अब स्कूलों में पढ़ाई और ज्यादा आधुनिक होने जा रही है। CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) ने 2026-27 सत्र से कक्षा 3 से 8 तक के बच्चों के लिए Artificial Intelligence (AI) और Computational Thinking (CT) का नया पाठ्यक्रम शुरू किया है। इस नए कोर्स को 1 अप्रैल 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लॉन्च किया।
क्या पढ़ाया जाएगा?
- लॉजिकल सोच और समस्या हल करने की क्षमता
- पैटर्न पहचानना और एल्गोरिदम की बेसिक समझ
- AI कैसे काम करता है, मशीन कैसे सीखती है
- डेटा का सही उपयोग, डिजिटल सुरक्षा और सही इस्तेमाल
कक्षा 3 से 5 तक बच्चों को ये चीजें कहानियों और गतिविधियों के जरिए सिखाई जाएंगी, जबकि कक्षा 6 से 8 में प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट्स के जरिए पढ़ाया जाएगा।
क्या है इस बदलाव का उद्देश्य?
इस पाठ्यक्रम का मकसद बच्चों को सिर्फ मोबाइल या कंप्यूटर चलाना नहीं, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है। इससे बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता बढ़ेगी और वे टेक्नोलॉजी को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।
पहले क्या था?
CBSE पहले कक्षा 6 से AI का छोटा कोर्स और कक्षा 9 से 12 में इसे एक वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ाता था। अब इसे और पहले यानी प्राइमरी स्तर से ही शुरू किया जा रहा है।
क्या होगा फायदा?
- बच्चों में क्रिटिकल थिंकिंग बढ़ेगी
- इंटरनेट पर गलत जानकारी से बचाव होगा
- भविष्य की तकनीक के लिए तैयारी मजबूत होगी
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत को AI के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में मदद करेगा। साथ ही, शिक्षकों के लिए भी विशेष ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि वे इस नए पाठ्यक्रम को अच्छे से पढ़ा सकें।
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