कोरोना फंडिंग विवाद फिर गरमाया, तुलसी गबार्ड का दावा—डॉ. फॉसी ने कसम खाकर झूठ बोला
कोरोना वायरस की उत्पत्ति और रिसर्च फंडिंग को लेकर अमेरिका में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिका की पूर्व खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कोरोना से जुड़ी रिसर्च के लिए अमेरिकी वैज्ञानिकों की ओर से फंडिंग की गई थी और इस मामले में डॉ. एंथनी फॉसी ने कसम खाकर झूठ बोला।
तुलसी गबार्ड के बयान के बाद अमेरिका की राजनीति और वैज्ञानिक जगत में हलचल तेज हो गई है। उनका दावा है कि कोरोना से जुड़ी रिसर्च और फंडिंग को लेकर लंबे समय तक कई अहम बातें छिपाई गईं। गबार्ड ने कहा कि लोगों को सच जानने का अधिकार है, क्योंकि कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया की जिंदगी बदल दी थी।
इस मामले में डॉ. फॉसी पहले भी कई बार विवादों में रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान वे अमेरिका के प्रमुख स्वास्थ्य सलाहकारों में शामिल थे और उनकी नीतियों, मास्क गाइडलाइन, वैक्सीन रणनीति और वायरस की उत्पत्ति को लेकर लगातार बहस होती रही है।
गबार्ड के आरोपों के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या कोरोना से जुड़ी रिसर्च फंडिंग की पूरी जानकारी जनता के सामने लाई गई थी या नहीं। साथ ही यह भी पूछा जा रहा है कि क्या किसी सरकारी अधिकारी ने कांग्रेस या जांच एजेंसियों के सामने गलत बयान दिया।
हालांकि, इस तरह के आरोप बेहद गंभीर हैं और इनके लिए आधिकारिक जांच, दस्तावेज और प्रमाणों की जरूरत होती है। फिलहाल यह मुद्दा अमेरिका में राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बनता दिख रहा है।
कोरोना महामारी में लाखों लोगों की मौत और वैश्विक आर्थिक संकट के बाद वायरस की उत्पत्ति से जुड़े सवाल आज भी पूरी तरह शांत नहीं हुए हैं। तुलसी गबार्ड के ताजा बयान ने इन सवालों को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।
channel_009 की नजर इस अंतरराष्ट्रीय विवाद से जुड़े हर बड़े अपडेट पर बनी हुई है।
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