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लकवा-स्पाइनल इंजरी के मरीजों को रोबोट करा रहा एक्सरसाइज:जयपुर के SMS अस्पताल में शुरुआत, तय मानकों के अनुसार जितने चाहो, उतने मूवमेंट

लकवा और स्पाइनल इंजरी के मरीजों को रोबोट करा रहा एक्सरसाइज, जयपुर के SMS अस्पताल में नई शुरुआत

channel_009 | Health News

जयपुर के SMS अस्पताल में लकवा और स्पाइनल इंजरी के मरीजों के लिए एक नई और आधुनिक सुविधा शुरू की गई है। अब ऐसे मरीजों को एक्सरसाइज कराने के लिए रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह तकनीक मरीजों के शरीर के मूवमेंट को तय मानकों के अनुसार नियंत्रित तरीके से कराती है, जिससे रिकवरी और फिजियोथेरेपी में मदद मिल सकती है।

लकवा, स्पाइनल इंजरी या न्यूरोलॉजिकल समस्या से जूझ रहे मरीजों के लिए नियमित एक्सरसाइज बेहद जरूरी होती है। कई बार मरीज खुद से हाथ-पैर या शरीर के हिस्सों को हिला नहीं पाते। ऐसे में रोबोटिक सिस्टम उनकी क्षमता और जरूरत के अनुसार मूवमेंट कराता है। खास बात यह है कि डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट तय मानकों के अनुसार जितने मूवमेंट चाहें, उतने करवा सकते हैं।

इस सुविधा से मरीजों को एक्सरसाइज में एकरूपता और सटीकता मिल सकती है। सामान्य फिजियोथेरेपी में जहां मरीज की स्थिति और थकान के हिसाब से बदलाव होते हैं, वहीं रोबोटिक सिस्टम लगातार नियंत्रित गति से मूवमेंट कराने में मदद करता है। इससे मांसपेशियों की जकड़न कम करने, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करने और शरीर को फिर से एक्टिव करने में फायदा हो सकता है।

SMS अस्पताल में इस तकनीक की शुरुआत राजस्थान के मरीजों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। खासकर उन मरीजों के लिए, जिन्हें लंबे समय तक रिहैबिलिटेशन की जरूरत होती है। आधुनिक चिकित्सा में अब रोबोटिक रिहैबिलिटेशन तेजी से अहम भूमिका निभा रहा है।

channel_009 निष्कर्ष:
जयपुर के SMS अस्पताल में रोबोटिक एक्सरसाइज सुविधा स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक बदलाव का संकेत है। लकवा और स्पाइनल इंजरी के मरीजों के लिए यह तकनीक रिकवरी की दिशा में मददगार साबित हो सकती है।

आपकी राय क्या है — क्या सरकारी अस्पतालों में ऐसी रोबोटिक रिहैबिलिटेशन सुविधाएं और ज्यादा बढ़ाई जानी चाहिए? कमेंट में बताइए।

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