सराफा कारोबारी बाप-बेटे ने 14 लोगों से ठगे ढाई करोड़, हॉलमार्क-पॉलिश और गिरवी के बहाने हड़पे गहने
channel_009 | Crime News
मेरठ से सराफा कारोबार से जुड़ा एक बड़ा ठगी मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक सराफा कारोबारी बाप-बेटे पर 14 लोगों से करीब ढाई करोड़ रुपए की ठगी करने का आरोप लगा है। आरोप है कि दोनों ने लोगों से हॉलमार्क, पॉलिश और गिरवी के बहाने गहने और कैश लिए, लेकिन बाद में उन्हें वापस नहीं किया।
पीड़ितों का कहना है कि आरोपी बाप-बेटे ने भरोसे का फायदा उठाया। किसी से गहनों पर हॉलमार्क कराने की बात कही गई, किसी से पॉलिश के नाम पर जेवर लिए गए, तो किसी के गहने गिरवी रखकर रकम देने का भरोसा दिया गया। शुरुआत में लोगों को लगा कि यह सामान्य कारोबारी प्रक्रिया है, लेकिन जब गहने और पैसा वापस नहीं मिला, तो शक गहराने लगा।
धीरे-धीरे कई लोग सामने आए और दावा किया कि उनके साथ भी इसी तरह ठगी हुई है। अब तक करीब 14 पीड़ितों की बात सामने आई है। कुल रकम और गहनों की कीमत मिलाकर ठगी का आंकड़ा ढाई करोड़ रुपए तक बताया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी मेरठ में सेटल होने की तैयारी में थे। इस खुलासे के बाद पीड़ितों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गहने कहां बेचे गए, कैश कहां गया और इस पूरे नेटवर्क में कोई और व्यक्ति शामिल है या नहीं।
यह मामला बताता है कि सोने-चांदी जैसे कीमती सामान के लेन-देन में लिखित रसीद, दुकान की विश्वसनीयता और कानूनी दस्तावेज बेहद जरूरी हैं।
channel_009 निष्कर्ष:
सराफा कारोबारी बाप-बेटे पर लगे आरोप भरोसे के कारोबार में बड़ी धोखाधड़ी की ओर इशारा करते हैं। ढाई करोड़ की कथित ठगी ने लोगों को सावधान कर दिया है कि गहने या कैश देते समय पक्की रसीद और रिकॉर्ड जरूर रखें।
आपकी राय क्या है — क्या गहनों की पॉलिश, हॉलमार्क या गिरवी प्रक्रिया में डिजिटल रसीद अनिवार्य होनी चाहिए? कमेंट में बताइए।

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