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छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ में इंटरनेट कनेक्टिविटी अब हर गांव तक पहुंच चुकी है। मोबाइल के जरिए लोग अपना काम आसानी से कर रहे हैं। पहले BSNL (भारत संचार निगम लिमिटेड) का ही टॉवर था, लेकिन अब कई निजी कंपनियां आ चुकी हैं, जिससे इंटरनेट सेवा तेज हो गई है।
BSNL टॉवर की देखरेख नहीं, बना खंडहर
अंतागढ़ के ऊपर पारा में लगा BSNL का टॉवर देखरेख के अभाव में खंडहर में बदल चुका है। टॉवर के पास एक कर्मचारी के रुकने के लिए भवन भी बना है, लेकिन वह सालों से बंद पड़ा है।
पहले लोग BSNL के लिए लाइन लगाते थे
करीब 20-25 साल पहले जब BSNL की सेवा अंतागढ़ में आई थी, तब लोग खुशी-खुशी BSNL सिम खरीदने लंबी लाइन में खड़े रहते थे। टॉवर की देखरेख के लिए एक कर्मचारी नियुक्त था, जिससे नेटवर्क से जुड़ी शिकायतों का तुरंत समाधान हो सके।
अब नहीं है कोई स्थायी कर्मचारी
पहले “पाणिग्रही” नाम का एक कर्मचारी यहां रहता था, लेकिन अब 7-8 साल से कोई नहीं है। वर्तमान में भानुप्रतापपुर में रहने वाला एक कर्मचारी तैनात है, लेकिन वह केवल फोन पर शिकायत मिलने के बाद ही आता है।
केबल कट जाए तो ठीक होने में लगते हैं 3 दिन
BSNL की सेवा से जुड़ी कई समस्याएं हैं:
✔ बार-बार नेटवर्क की शिकायतें रहती हैं।
✔ अगर केबल कट जाए तो कर्मचारी भानुप्रतापपुर से आने में पूरा दिन लगा देता है।
✔ टॉवर की मरम्मत में कभी-कभी 2-3 दिन तक लग जाते हैं, जिससे दुकानदारों और ग्राहकों को परेशानी होती है।
BSNL की स्थिति बदहाल, लोग हो रहे परेशान
BSNL की लापरवाही से लोग परेशान हैं। अगर टॉवर की सही देखभाल हो और स्थायी कर्मचारी तैनात किए जाएं, तो BSNL फिर से अच्छी सेवा दे सकता है।
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