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भिलाई-3, शीतलापारा। बमनीन तालाब में बनाए गए रिटेनिंग वॉल (सपोर्ट दीवार) का कुछ ही महीनों में ढह जाना बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। करीब 92 लाख रुपए की लागत से बनी ये दीवार सिर्फ दो महीने में पहली बारिश में ही टूट गई। अब इसे लोग “भ्रष्टाचार की दीवार” कह रहे हैं।
बिना मजबूत नींव के बना दी दीवार
ठेका एजेंसी ने ये दीवार बिना नींव के बना दी थी। पुराने 5 फीट ऊंची दीवार के ऊपर ही नया रिटेनिंग वॉल खड़ा कर दिया गया, जिससे हल्की बारिश में ही वह 20% हिस्सा गिर गया। इसके बाद नगर निगम आयुक्त ने तुरंत जांच के आदेश दिए और पूरी दीवार को तोड़कर दोबारा बनाने के निर्देश दिए हैं।
अब हटाया जा रहा मलबा
गिरी हुई दीवार के मलबे को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। इंजीनियरों की लापरवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं कि जब घटिया काम हो रहा था तो उन्होंने ध्यान क्यों नहीं दिया?
कहां-कहां कितना खर्च हुआ?
बमनीन तालाब के विकास पर 92 लाख रुपए खर्च होने थे:
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खरपतवार सफाई – ₹24,663
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रेलिंग के साथ टो वॉल – ₹18.46 लाख
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पाथवे – ₹24.09 लाख
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विद्युत पोल – ₹8.41 लाख
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वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट – ₹10.95 लाख
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रिटेनिंग वॉल – ₹7.32 लाख
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घाट निर्माण, पिचिंग, आउटलेट आदि कार्य – शेष राशि
क्या जांच में निकलेंगे दोषी?
अब जांच से यह साफ होगा कि ठेकेदार ने काम वर्क ऑर्डर के अनुसार किया या नहीं। सवाल यह भी है कि अगर ऑर्डर में नींव से दीवार बनाने की बात थी, तो ठेकेदार ने पुराने निर्माण पर नई दीवार क्यों खड़ी की? और इंजीनियरों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की?
फिर से बनेगी दीवार
फिलहाल निगम ने स्पष्ट कहा है कि पूरी दीवार को तोड़कर फिर से मजबूत नींव से निर्माण किया जाए। साथ ही, जांच रिपोर्ट के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की बात भी कही जा रही है।
👉 ये मामला सरकारी निर्माण में लापरवाही और भ्रष्टाचार की एक और मिसाल बन गया है, जिसकी कीमत आम जनता चुका रही है।
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