Related Articles
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के सबसे बड़े सरकारी दफ्तर, जिला कलेक्ट्रेट में इन दिनों गंभीर पानी की समस्या है। यहां के सभी बोर सूख चुके हैं क्योंकि भू-जल स्तर काफी नीचे चला गया है।
पानी के लिए तरसते लोग और कर्मचारी
दफ्तर में काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारी और अपनी समस्याएं लेकर आने वाले लोग प्यास से परेशान हो रहे हैं। नल, वाटर कूलर और टंकी में पानी नहीं है।
जनदर्शन में दिखी पानी की मारामारी
मंगलवार को जनदर्शन कार्यक्रम था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग आए थे। लेकिन पानी नहीं मिलने के कारण उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ा। कुछ लोगों ने होटल से पानी की बोतल खरीदकर प्यास बुझाई।
टैंकर से मिली राहत
पानी की परेशानी देखते हुए नगर पालिका से पानी का टैंकर मंगवाया गया। टैंकर पहुंचते ही लोग भीड़ लगाकर पानी भरने दौड़ पड़े।
हर साल गिरता भू-जल स्तर
यहां भू-जल स्तर हर साल गिरता जा रहा है।
-
2017 में जल स्तर था – 19 मीटर
-
2018 – 19.50 मीटर
-
2020 – 21 मीटर
-
2023 – 25 मीटर
-
2024 – 27 मीटर
(जानकारी पीएचई विभाग से ली गई है)
निष्कर्ष:
जिले में लगातार गिरते जल स्तर के कारण अब सरकारी दफ्तरों तक में पानी की कमी महसूस होने लगी है। इससे यह साफ है कि आने वाले समय में पेयजल संकट और गंभीर हो सकता है।
CHANNEL009 Connects India
