वॉशिंगटन: अमेरिका के पूर्व और संभावित भावी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय संघ (EU) और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को बड़ा झटका देने वाला बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिया है कि यदि EU के साथ व्यापार वार्ताएं विफल होती हैं, तो अमेरिका 1 जून 2025 से यूरोपीय आयातों पर 50 प्रतिशत शुल्क लगा सकता है।
ट्रंप ने यह चेतावनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट के जरिए दी, जिसमें उन्होंने कहा कि EU के साथ वार्ताएं किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच रही हैं, और यह स्थिति अमेरिका के लिए अस्वीकार्य है।
EU पर चीन से भी ज्यादा टैरिफ लगाने की बात
अपने पोस्ट में ट्रंप ने कहा,
“चीन के साथ हमने शुल्क घटाने की पहल की है, लेकिन यूरोपीय संघ से किसी समझौते की उम्मीद नहीं दिख रही। ऐसे में हम EU के सभी उत्पादों पर सीधे 50% आयात शुल्क लगाने पर विचार कर रहे हैं।”
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई वस्तु अमेरिका में बनाई जाती है, तो उस पर यह टैरिफ लागू नहीं होगा। यह कदम उनके “मेक इन USA” अभियान को दोबारा गति देने की दिशा में देखा जा रहा है।
iPhone जैसे स्मार्टफोन्स पर 25% आयात शुल्क की तैयारी
ट्रंप ने विशेष रूप से एप्पल को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही सीईओ टिम कुक को सुझाव दिया था कि अमेरिका में बिकने वाले iPhone का निर्माण अमेरिका में ही होना चाहिए, न कि भारत या अन्य किसी देश में।
उन्होंने चेतावनी दी:
“अगर iPhone का निर्माण विदेश में होता है, तो कंपनी को कम से कम 25% आयात शुल्क देना होगा।”
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जून 2025 के अंत तक सभी विदेश में बने स्मार्टफोन्स पर यह टैरिफ लागू किया जा सकता है।
बाजार पर असर और एप्पल की चिंता
विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये शुल्क वास्तव में लागू होते हैं, तो iPhone सहित अन्य स्मार्टफोनों की कीमतों में भारी वृद्धि हो सकती है। इससे न केवल उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा, बल्कि एप्पल जैसी कंपनियों की बिक्री और लाभप्रदता भी प्रभावित हो सकती है।
अमेरिका की ट्रेड नीति में बदलाव के संकेत
ट्रंप का यह बयान बताता है कि यदि वे 2024 के चुनाव में सत्ता में लौटते हैं, तो अमेरिका की व्यापार नीति एक बार फिर से संरक्षणवादी रुख अपनाएगी। पहले भी उनके प्रशासन ने ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति के तहत चीन और अन्य देशों पर टैरिफ लगाए थे।
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