Exclusive: ईमेल से खुला पाकिस्तान की आतंकी फंडिंग का राज,जांच एजेंसियों के हाथ लगे अहम सुराग
channel_009 | नेशनल सिक्योरिटी डेस्क
पाकिस्तान की आतंकी फंडिंग से जुड़ा एक बड़ा खुलासा सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि कुछ ईमेल कम्युनिकेशन के जरिए आतंक से जुड़े नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और फंडिंग चैनल की कहानी से पर्दा उठ सकता है। इन ईमेल्स को जांच एजेंसियों के लिए अहम सुराग माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, ईमेल में ऐसे संकेत मिले हैं जिनसे यह समझने में मदद मिल सकती है कि आतंक से जुड़े संगठनों तक पैसा कैसे पहुंचाया जाता था। शक है कि फंडिंग के लिए सीधे रास्तों के बजाय अलग-अलग माध्यमों, फ्रंट नेटवर्क, संदिग्ध संस्थाओं और कई परतों वाले ट्रांजैक्शन का इस्तेमाल किया गया।
कैसे हुआ खुलासा?
बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कुछ डिजिटल दस्तावेज, ईमेल ट्रेल और संदिग्ध बातचीत सामने आई। इनसे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किसने पैसा भेजा, किसके जरिए भेजा गया और आखिर यह रकम किन लोगों या संगठनों तक पहुंची।
जांच एजेंसियां अब इन ईमेल्स की टाइमलाइन, भेजने और रिसीव करने वालों की पहचान, बैंकिंग लिंक और डिजिटल फुटप्रिंट की जांच कर रही हैं। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या फंडिंग को वैध कारोबार, चैरिटी या किसी अन्य नाम से छिपाने की कोशिश की गई थी।
पाकिस्तान पर फिर उठे सवाल
आतंकी फंडिंग के आरोपों को लेकर पाकिस्तान पहले भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सवालों के घेरे में रहा है। अब ईमेल से जुड़े इस कथित खुलासे ने एक बार फिर उसकी भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर जांच में ये ईमेल प्रमाणिक पाए जाते हैं, तो यह मामला सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता साबित हो सकता है।
एजेंसियों की अगली कार्रवाई
अब जांच का फोकस ईमेल में मौजूद नामों, अकाउंट्स, लोकेशन और ट्रांजैक्शन पैटर्न पर है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह नेटवर्क भारत विरोधी गतिविधियों या आतंकी साजिशों से जुड़ा था। जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ और डिजिटल फॉरेंसिक जांच भी की जा सकती है।
फिलहाल यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। ईमेल ट्रेल ने आतंकी फंडिंग की उस परत को सामने ला दिया है, जिसे लंबे समय से छिपाने की कोशिश की जा रही थी।
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