सिडनी:
पिछले तीन दशकों में HIV के इलाज और रोकथाम में जबरदस्त प्रगति हुई है। आज यह एक ऐसी बीमारी बन चुकी है जिसे दवाओं से नियंत्रित रखा जा सकता है। अगर कोई व्यक्ति सही समय पर इलाज शुरू करे और नियमित रूप से दवा लेता रहे, तो वह लगभग एक सामान्य जीवन जी सकता है।
🔹 दवाओं से संक्रमण भी रुक सकता है
HIV के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंटीरेट्रोवायरल दवाएं (ART) न केवल रोगी के स्वास्थ्य को स्थिर रखती हैं, बल्कि यह वायरस को उसके यौन साथी तक फैलने से भी रोकती हैं।
🔹 रोकथाम के लिए भी कारगर उपाय
जो लोग HIV से संक्रमित नहीं हैं, लेकिन जोखिम में हैं, उनके लिए भी आज PrEP (Pre-Exposure Prophylaxis) जैसी दवाएं मौजूद हैं। ये दवाएं टैबलेट या इंजेक्शन के रूप में ली जाती हैं और संक्रमण को रोकने में बहुत प्रभावशाली हैं। अमेरिका में एक छह महीने तक असरदार इंजेक्शन को भी हाल ही में मंजूरी मिली है।
❗ लेकिन फिर भी इलाज की ज़रूरत क्यों?
👉 हर कोई इन दवाओं तक पहुंच नहीं रखता।
इन दवाओं को पाने के लिए हेल्थ क्लीनिक, प्रशिक्षित स्टाफ और भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखला की जरूरत होती है। दुनिया के कई हिस्सों में यह बुनियादी ढांचा मौजूद नहीं है। उदाहरण के तौर पर, हाल ही में अमेरिका द्वारा विदेशी सहायता कार्यक्रमों में कटौती के चलते कई निम्न-आय वाले देशों में HIV दवाएं पहुंचना मुश्किल हो गया है।
👉 नई दवाएं बहुत महंगी हैं।
PrEP इंजेक्शन जैसे समाधान उच्च आय वाले देशों में ही सीमित रह सकते हैं, क्योंकि उनकी कीमत बहुत अधिक है। ऐसे में सस्ते और टिकाऊ इलाज की तलाश जारी रखना जरूरी है।
क्या कुछ लोग HIV से ठीक हो चुके हैं?
हां, अब तक सात से अधिक लोगों को “प्रभावी इलाज” मिला है, जिनमें वायरस फिर से सक्रिय नहीं हुआ। ये मरीज कैंसर जैसी घातक बीमारियों के कारण बोन मैरो ट्रांसप्लांट से गुज़रे थे। उन्हें ऐसे डोनर से बोन मैरो मिला जिसमें HIV रिसेप्टर मौजूद नहीं थे।
👉 हालांकि यह प्रक्रिया बहुत दुर्लभ और महंगी है और इससे सामान्य लोगों का इलाज संभव नहीं है। इसलिए, हमें अभी भी ऐसे इलाज की तलाश करनी होगी जो सभी के लिए सुलभ और किफायती हो।
“ब्रेकथ्रू” रिसर्च की क्या स्थिति है?
हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में एक नवाचार सामने आया है, जिसे “शॉक एंड किल” रणनीति कहा जाता है। इसमें HIV को उसके छिपे हुए रूप से बाहर लाने के लिए mRNA तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। यह प्रयोगशाला स्तर पर सफल रहा है, लेकिन इंसानों पर इसका ट्रायल अभी बाकी है।
👉 ऐसे शोध महंगे और लंबे होते हैं, लेकिन HIV के स्थायी इलाज की दिशा में जरूरी कदम हैं।
निष्कर्ष: रास्ता लंबा है, लेकिन उम्मीद बाकी है
HIV का सस्ती और व्यापक रूप से उपलब्ध इलाज दुनिया भर में लाखों लोगों के जीवन को बदल सकता है। लेकिन इसके लिए वैज्ञानिक, नैतिक और आर्थिक चुनौतियों का समाधान करना पड़ेगा।
👉 इस बीच, यह ज़रूरी है कि हर HIV मरीज को नियमित इलाज मिले और संक्रमण के खतरे में रहने वालों को PrEP, कंडोम और सुरक्षित सुई जैसी सेवाएं आसानी से मिलती रहें।
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