भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई 5 टेस्ट मैचों की सीरीज 2-2 से ड्रॉ रही, लेकिन इसमें जो जज्बा, संघर्ष और जख्मों के साथ मैदान पर उतरने का जज़्बा दिखा, वो क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा। खिलाड़ियों ने अपने देश के लिए दर्द को दरकिनार करते हुए खेला और मिसाल कायम की।
इंग्लैंड के ऑलराउंडर क्रिस वोक्स पांचवें टेस्ट के पहले दिन चोटिल हो गए थे और उनका कंधा डिसलोकेट हो गया था। लेकिन जब टीम संकट में थी, तो उन्होंने पूरे विश्व को चौंकाते हुए एक हाथ से बल्ला थामकर मैदान में उतरने का फैसला लिया। ये पल क्रिकेट की भावना को बयां करता है।
भारत के उपकप्तान ऋषभ पंत ने चौथे टेस्ट में पैर की उंगली फ्रैक्चर होने के बावजूद बल्लेबाजी की। स्कैन में चोट की पुष्टि हुई थी, लेकिन उन्होंने मैदान छोड़ा नहीं। उन्होंने दर्द सहते हुए शानदार अर्धशतक जड़ा और टीम के लिए मोर्चा संभाला।
भारत के लिए इस सीरीज में शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, रवींद्र जडेजा और ऋषभ पंत ने 400 से अधिक रन बनाए। पूरी टीम ने मिलकर 5 मैचों में 3,809 रन बनाए, जो किसी भी भारतीय टेस्ट सीरीज में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
भले ही सीरीज बराबरी पर खत्म हुई, लेकिन खिलाड़ियों का जज़्बा और खेल भावना इसे यादगार बना गई। चाहे एक हाथ से बल्लेबाजी हो या फ्रैक्चर के बावजूद अर्धशतक, ये लम्हे क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में हमेशा रहेंगे।
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