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Interview: मिलिए BPSC के टॉपर से, क्रिकेट खेलने के कारण लोग कहते थे कभी नहीं पढ़ेगा ये लड़का और आज पूरा बिहार दे रहा बधाई

BPSC Topper Exam Tips: बिहार लोक सेवा आयोग ने 69वीं बीपीएससी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। वहीं सीतमाढ़ी जिला के उज्ज्वल कुमार उपकार ने टॉप किया है।

 

BPSC Topper Exam Tips: बिहार लोक सेवा आयोग ने 69वीं बीपीएससी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। इस परीक्षा में कुल 470 कैंडिडेट्स सफल हुए। वहीं सीतमाढ़ी जिला के उज्ज्वल कुमार उपकार ने टॉप किया है। उज्ज्वल कुमार वर्तमान में वैशाली जिले के गोरौल में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी हैं।

 

उज्ज्वल कुमार (Ujjawal Kumar Upkar Rank 1) ने बिना किसी कोचिंग के सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की है। उन्होंने दो बार साल 2021 और 2022 में UPSC CSE परीक्षा भी दी थी। हालांकि, इसमें उनका सेलेक्शन नहीं हुआ। लेकिन BPSC 69th परीक्षा में Rank 1 के साथ उनका सेलेक्शन हुआ है। पत्रिका की एजुकेशन जर्नलिस्ट शाम्भवी शिवानी के साथ बातचीत में उन्होंने अपनी बीपीएससी एग्जाम स्ट्रैटजी साझा की है।

 

पिछले साल के सवाल पर किया फोकस: उज्ज्वल कुमार 

उज्ज्वल कुमार ने कहा, “मैंने शुरुआत NCERT की किताबों से किया। BPSC या किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए बहुत जरूरी है कि आपके पास NCERT की बेसिक समझ हो। इसी के साथ PYQs (पिछले साल के सवाल) से बहुत मदद मिली।” बीपीएससी टॉपर (BPSC Topper) ने बताया कि करेंट अफेयर्स के लिए उनकी पहली पसंद प्रतियोगिता दर्पण और ई-दृष्टि है। इसके साथ ही उज्ज्वल कुमार यूपीएससी टॉपर्स की ऑनलाइन कॉपी भी देखा करते थे। उन्होंने कहा कि इससे काफी मदद मिलती है। इससे आपकी लिखित परीक्षा की तैयारी बेहतर ढंग से हो जाती है। उज्ज्वल कुमार ने कहा, “मैं प्रतिदिन के टारगेट के बदले एक सप्ताह के टारगेट पर फोकस करता था। मैं काम के साथ पढ़ाई कर रहा था, इसलिए भी कभी एक दिन का टारगेट पूरा करने का लोड नहीं लेता था। इस तरह परीक्षा का तनाव भी नहीं रहा।”

सुबह और रात के वक्त करते थे पढ़ाई

इस सवाल पर कि काम के साथ कैसे तैयारी की उज्ज्वल कुमार ने कहा कि वे सुबह और रात के समय का अच्छे से इस्तेमाल करते थे और रोजाना 4-5 घंटे पढ़ाई करते थे। इसी के साथ BPSC Topper ने कहा, “ये आपके ऊपर है कि आप समय को कैसे मैनेज करते हैं। बहुत से लोग हैं जिनके साथ कई परेशानी है लेकिन पढ़ाई भी करनी है। ऐसे में आपको एक सही स्ट्रैटजी बनाने की जरूरत है। मैं अपने सुबह और रात के समय का इस्तेमाल करता था। आप अपना सही वक्त अपने अनुसार तय करें। कई बार तो मैं विजिट के दौरान टैब से मैगजीन पढ़ा करता था।”

 

हिंदी मीडियम से बने BPSC Topper

उज्ज्वल कुमार ने कहा कि उन्हें इस बात पर जरा भी संशय नहीं था कि वे हिंदी मीडियम से अच्छा रैंक हासिल कर लेंगे। मैंने इंजीनियरिंग की है तो मेरी अंग्रेजी भाषा पर भी पकड़ अच्छी है। लेकिन हिंदी पर मेरी पकड़ ज्यादा अच्छी है। हालांकि, हिंदी मीडियम वालों के साथ एक बड़ी समस्या ये है कि वे नॉमर्ल हिंदी बोलते या लिखते हैं। ऐसे में उनकी शब्दाबली अंग्रेजी के मुकाबले कमजोर होती है। जब मैंने तैयारी शुरू की थी तो दैनिक भास्कर पढ़ता था और प्रतिदिन 50 शब्द हिंदी के नोट करता था। यूपीएससी में मेरा ऑप्शनल विषय हिंदी साहित्य था तो यहां से भी मदद मिली।

माता पिता के बैकग्राउंड के कारण लोग कहते थे नहीं पढ़ेगा लड़का 

बीपीएससी टॉपर (BPSC Topper Story) के बचपन से जुड़ा एक किस्सा दिलचस्प है। बचपन में उन्हें क्रिकेट खेलने का शौक था, जिस वजह से वे पढ़ने से ज्यादा क्रिकेंट ग्राउंड पर दिखते थे। ऐसे में कुछ रिश्तेदार को लगता था कि वे कभी काबिल नहीं बन पाऊंगा। उज्ज्वल ने कहा, “मैं पढ़ने में कमजोर भी नहीं था। लेकिन फिर भी मेरे माता-पिता के कमजोर बैकग्राउंड के कारण और क्रिकेट को लेकर मेरे शौक के कारण रिश्तेदारों को लगता था कि मैं जीवन में कुछ अच्छा हासिल नहीं कर पाऊंगा।” यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उज्ज्वल कुमार की मां आंगनबाड़ी सेविका हैं और उनके पिता प्राइवेट स्कूल में शिक्षक हैं।

 

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