18 जून, 2025 | 16:27 बजे IST
ईरान और इजरायल के बीच छिड़ा युद्ध लगातार उग्र होता जा रहा है। अब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने सख्त लहजे में कहा है कि ईरान अपने नागरिकों के खून को नहीं भूलेगा और इजरायल को इसके लिए कीमत चुकानी पड़ेगी। तेल अवीव के लोगों को शहर खाली करने की चेतावनी भी दी गई है।
ट्रंप को दिया करारा जवाब
खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों को खारिज करते हुए कहा, “जो ईरान के इतिहास को जानते हैं, वे जानते हैं कि हम धमकियों से नहीं डरते। हम थोपे गए युद्ध या जबरन शांति को स्वीकार नहीं करेंगे। अगर अमेरिका ने हस्तक्षेप किया, तो नतीजे गंभीर होंगे।”
तुर्की का समर्थन – “ईरान की आत्मरक्षा जायज”
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन ने भी स्थिति पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “ईरान इजरायल के अवैध और आक्रामक हमलों के खिलाफ खुद की रक्षा कर रहा है। यह उसका अधिकार है।” साथ ही उन्होंने मध्यस्थता का प्रस्ताव भी रखा।
ईरान का अमेरिका को अल्टीमेटम
जिनेवा में ईरानी राजदूत अली बहरीनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि अमेरिका इस संघर्ष में शामिल हुआ, तो ईरान उसे भी कठोर जवाब देगा। “तेहरान जवाब देने के लिए तैयार है,” उन्होंने जोड़ा।
“भारत हमारे साथ है” – इजरायली राजदूत का बयान
भारत में इजरायल के राजदूत कोबी शोशानी ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि भारत इस संघर्ष में इजरायल के साथ है। उन्होंने कहा, “भारत का समर्थन हमारे लिए अहम है। हम भारत से प्यार और समर्थन चाहते हैं, न कि सैन्य हस्तक्षेप।”
तेहरान में भारी ट्रैफिक, लोग कर रहे पलायन
तेहरान की सड़कों पर ट्रैफिक का अंबार लगा है। बड़ी संख्या में लोग शहर छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे जाम की स्थिति बन गई है। राजधानी में दहशत का माहौल है।
इजरायल के रक्षा मंत्री का दावा – “ईरान में तानाशाही ढह रही है”
इजरायल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने दावा किया कि “ईरान में शासन का अंत नजदीक है। लोग भाग रहे हैं, और तानाशाही दरक रही है।”
CHANNEL009 Connects India
