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पैसे की कमी पर उठाए सवाल
डॉ. अजीत कुमार ने जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (JNVU) जोधपुर के कार्यवाहक कुलपति का पद संभालते ही सख्त रवैया अपनाया। उन्होंने पहली बैठक में पूछा कि जब 400 कॉलेज विश्वविद्यालय से जुड़े हैं, तो पैसे की कमी क्यों है?
फाइनेंस रिपोर्ट में हुआ खुलासा
फाइनेंस कंट्रोलर दशरथ सोलंकी ने बताया कि विश्वविद्यालय को हर साल 90 करोड़ रुपये की आय होती है, लेकिन सिर्फ पेंशन के लिए 96 करोड़ रुपये खर्च हो जाते हैं। इसी वजह से आर्थिक तंगी बनी रहती है। कुलपति ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक कमेटी बनाने के निर्देश दिए।
रजिस्ट्रार और फाइनेंस अफसर को बताया मजबूत स्तंभ
उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार और फाइनेंस अफसर (FA) उनके दो मजबूत पिलर हैं। वित्त से जुड़े मुद्दे FA के जरिए और प्रशासनिक मामले रजिस्ट्रार के जरिए ही उनके पास आने चाहिए।
शोध और पेटेंट पर दिया जोर
डॉ. अजीत कुमार ने शिक्षकों से कहा कि वे अपने शोध को पेटेंट करवाने पर ध्यान दें। इससे विश्वविद्यालय को नए प्रोजेक्ट मिलेंगे और उसकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
शिक्षकों की कमी पर जताई चिंता
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में 600 शिक्षक पदों में से केवल 170 पद ही भरे हुए हैं। शिक्षकों की भारी कमी को लेकर उन्होंने चिंता जताई और इसे जल्द ठीक करने की जरूरत बताई।
डॉ. अजीत कुमार ने साफ कर दिया कि वे शिक्षा और वित्तीय प्रबंधन में सुधार के लिए कड़े फैसले लेने को तैयार हैं।
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