ब्रुसेल्स/मॉस्को:
यूरोप में रूस की बढ़ती आक्रामकता को लेकर पश्चिमी देशों में खलबली मच गई है। नाटो (NATO) ने अपने सदस्य देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे युद्ध जैसी स्थिति के लिए खुद को तैयार रखें। संगठन ने रूस से संभावित खतरे के मद्देनज़र यूरोप की वायु रक्षा क्षमताओं को पांच गुना तक बढ़ाने की अपील की है।
🚨 रूस की धमकी से घबराया यूरोप
यूक्रेन पर जारी युद्ध के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बार-बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि यूक्रेन की मदद करने वाले यूरोपीय देश भी उनके निशाने पर हो सकते हैं। हाल ही में हुए यूक्रेनी ड्रोन हमलों के जवाब में रूस ने बदले की चेतावनी दी है, जिससे यूरोप में आशंका और बढ़ गई है।
🛡️ NATO की तैयारी: वायु रक्षा में पांच गुना इजाफा
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, नाटो अब सदस्य देशों से कह रहा है कि वे अपने एयर डिफेंस सिस्टम को अत्यधिक मज़बूत करें ताकि ड्रोन, मिसाइल और हवाई हमलों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
शीत युद्ध के बाद यूरोपीय देशों ने अपनी वायु सुरक्षा में जो ढील दी थी, अब उसी को भरने की होड़ मची है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कई देशों के पास पर्याप्त वायु रक्षा संसाधन नहीं हैं, और यह स्थिति रूस के मौजूदा रुख को देखते हुए खतरनाक हो सकती है।
🔍 कूटनीतिक सम्मेलन से पहले रणनीतिक बैठकें
नाटो के रक्षा मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक 5 जून को ब्रुसेल्स में होगी, जिसमें वायु सुरक्षा और युद्ध-तैयारी को लेकर चर्चा होगी। यह बैठक 24-25 जून को हेग में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन की नींव रखेगी, जहां रूस के बढ़ते खतरे पर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
🗣️ मार्क रूट की चेतावनी: “न युद्ध में हैं, न शांति में”
नाटो महासचिव मार्क रूटे ने 2 जून को बुखारेस्ट नाइन (B9) और नॉर्डिक देशों के सम्मेलन के दौरान बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा,
“हम अभी किसी युद्ध में नहीं हैं, लेकिन हम पूरी तरह शांति में भी नहीं हैं। हमें हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा।”
उन्होंने रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने की अपील की और स्पष्ट संकेत दिया कि युद्ध कभी भी दस्तक दे सकता है।
🌍 अमेरिका की भूमिका पर सवाल
रिपोर्ट्स बताती हैं कि अमेरिका की सुरक्षा गारंटी को लेकर यूरोप में आशंका है, खासकर ट्रंप प्रशासन की संभावित वापसी की स्थिति में। अमेरिका की रूस के साथ वार्ता और यूरोप से दूरी बनाना, नाटो सहयोगियों को स्वयं की रक्षा तैयारियों पर अधिक जोर देने के लिए मजबूर कर रहा है।
🔚 तीसरे विश्व युद्ध की आहट?
नाटो की नई चेतावनियों और तैयारी के संकेत साफ हैं—युद्ध की संभावना को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जहां एक ओर हथियारबंद शांति की उम्मीदें बाकी हैं, वहीं दूसरी ओर तनाव की लपटें धीरे-धीरे जंग की लकीरों में बदलती जा रही हैं।
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