जयपुर: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित RAS मुख्य परीक्षा 2024 को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। 17 और 18 जून को होने वाली इस परीक्षा को स्थगित करने की मांग को लेकर मामला अब राजस्थान हाईकोर्ट पहुंच चुका है।
छात्रों ने क्यों लगाई याचिका?
छात्रों का कहना है कि RAS भर्ती 2023 का अंतिम परिणाम अब तक जारी नहीं हुआ है, और इससे पहले ही 2024 की मेन्स परीक्षा कराई जा रही है, जो नियमों के खिलाफ है। इसी के चलते छात्रों ने कोर्ट से परीक्षा स्थगित करने की मांग की है।
कोर्ट में क्या हुआ?
इस मामले की सुनवाई जस्टिस मनीष शर्मा की अदालत में हुई है। वहीं, RPSC ने भी केविएट दायर कर दी है ताकि कोर्ट में छात्रों की याचिका पर कोई एकतरफा फैसला न हो। अब कोर्ट दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही कोई निर्णय लेगा। फिलहाल परीक्षा तय समय पर आयोजित होने की संभावना है।
राजेन्द्र राठौड़ का बयान
भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र राठौड़ ने प्रेस वार्ता में कहा कि पार्टी विद्यार्थियों की चिंता को लेकर गंभीर है। उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ इस मुद्दे को उच्च स्तर तक ले जा चुके हैं और नए RPSC चेयरमैन समय पर फैसला लेंगे।
छात्रों की परेशानी
छात्रों का कहना है कि 2023 की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण वे दुविधा में हैं और उनकी तैयारी भी प्रभावित हो रही है। अब कोर्ट का फैसला और RPSC की अगली कार्रवाई सबकी निगाहों में है।
राठौड़ ने बताईं सरकार की उपलब्धियां
प्रेस वार्ता में राठौड़ ने कहा कि भजनलाल सरकार ‘संकल्प से सिद्धि’ की राह पर काम कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार की डबल इंजन नीति की भी तारीफ की और बताया कि सिंधु जल समझौते को रद्द करने से राजस्थान को सिंचाई में बड़ा फायदा होगा। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।
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