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RFK जूनियर की नियुक्त वैक्सीन पैनल फिर से खोलेगा पुराने विवाद, विशेषज्ञों को चिंता

वॉशिंगटन, 26 जून 2025
अमेरिकी स्वास्थ्य सचिव रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर द्वारा नियुक्त नया वैक्सीन सलाहकार पैनल बुधवार से एक अहम बैठक शुरू कर रहा है, जिसमें बचपन में दी जाने वाली वैक्सीन्स और उनसे जुड़े दुर्लभ जोखिमों की दोबारा समीक्षा की जाएगी। वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को डर है कि यह कदम विवादित और खारिज किए गए वैक्सीन विरोधी सिद्धांतों को नीतिगत मंच प्रदान कर सकता है।

🔬 वैज्ञानिक निष्कर्षों पर पुनर्विचार?

Advisory Committee on Immunization Practices (ACIP) नामक स्वतंत्र समिति का काम आमतौर पर शांत रहता है — यह तय करती है कि कौन-सी वैक्सीन्स किसे और कब दी जानी चाहिए।
लेकिन इस बार की बैठक अलग है। कैनेडी, जो लंबे समय से वैक्सीन से संबंधित भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए जाने जाते हैं, अब सरकारी तंत्र के भीतर से इन मुद्दों को उठा रहे हैं।

हाल ही में उन्होंने अचानक पैनल के सभी 17 सदस्यों को कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही बर्खास्त कर दिया और उनके स्थान पर नए चेहरों को नामित किया, जिनमें शामिल हैं रॉबर्ट मेलोन, जिन्हें कोविड-19 महामारी के दौरान गलत जानकारियाँ फैलाने और आइवरमेक्टिन के प्रचार के लिए आलोचना झेलनी पड़ी थी।


📌 थायमेरोसाल और MMRV पर विवाद

बैठक के एजेंडे में कोविड और फ्लू जैसे सामान्य टीकों के साथ-साथ MMRV (मीज़ल्स, मंप्स, रुबेला और चिकनपॉक्स का संयुक्त टीका) और थायमेरोसाल युक्त फ्लू शॉट्स पर चर्चा का उल्लेख है।

  • थायमेरोसाल, एक मरकरी-आधारित संरक्षक, जो लंबे समय तक वैक्सीन में प्रयोग हुआ, को लेकर बार-बार साबित हो चुका है कि कम मात्रा में यह नुकसानदेह नहीं है

  • फिर भी, 1999 में इसे बच्चों की वैक्सीन्स से हटा दिया गया, हालांकि कुछ फ्लू शॉट्स में अब भी यह मौजूद है।

  • पैनल में इसके खिलाफ तर्क रखने वाली लिन रेडवुड एक नर्स और पूर्व ‘चिल्ड्रन हेल्थ डिफेंस’ संस्था की सदस्य हैं। वह अपने बेटे के ऑटिज़्म के लिए वैक्सीन को जिम्मेदार ठहराती हैं — जिसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है


🦠 खतरनाक मीज़ल्स संक्रमण और दोहराया मुद्दा

अमेरिका में मीज़ल्स (खसरा) को वर्ष 2000 में खत्म मान लिया गया था, लेकिन अब देश भर में 1,200 से ज्यादा मामले और 3 मौतें दर्ज की गई हैं

MMRV वैक्सीन की समीक्षा पर विशेषज्ञ हैरान हैं, क्योंकि पहले से ही अनुशंसा है कि पहली खुराक (12-47 महीनों में) अलग-अलग दी जाए। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब इसके लाभों पर कोई नई जानकारी नहीं है, तो इस मुद्दे को दोबारा क्यों उठाया जा रहा है

“MMRV जैसे जीवन रक्षक टीकों की चर्चा विज्ञान पर आधारित होनी चाहिए, न कि किसी वैचारिक एजेंडे पर,” — साइरा मादद, NYC हेल्थ + हॉस्पिटल्स की महामारी विशेषज्ञ


💬 विशेषज्ञों की चेतावनी

  • ACIP अब चिकित्सा प्रथा के लिए अप्रासंगिक और वैक्सीन-विरोधी प्रचार का मंच बन सकता है, — एमेश अदलजा, जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी

  • यह समिति स्कूल वैक्सीनेशन नियमों और बीमा कवरेज जैसी अहम नीतियों को प्रभावित करती है, इसलिए इसकी निष्पक्षता पर सवाल गंभीर हैं।


🇺🇸 राजनीतिक पृष्ठभूमि

कैनेडी की नियुक्ति के समर्थन में सीनेटर बिल कैसिडी, जो खुद एक चिकित्सक हैं, ने भी अब बैठक को स्थगित करने की मांग की है, क्योंकि नए सदस्यों में अनुभव की कमी और पूर्वाग्रह के संकेत मिलते हैं।

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