इस्तांबुल/कीव/मॉस्को — रूस और यूक्रेन के बीच 02 जून को इस्तांबुल में आयोजित द्विपक्षीय वार्ता के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब एक दिन पहले यूक्रेन ने रूस के पांच सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए थे। फिर भी, बातचीत पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हुई।
इस बैठक में रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे व्लादिमीर मेदिन्स्की ने वार्ता के बाद प्रेस को संबोधित किया और रूस की ओर से पेश की गई शांति व युद्धविराम प्रस्तावों की जानकारी साझा की।
रूस ने क्या प्रस्ताव दिए?
मेदिन्स्की ने बताया कि रूस ने तुर्की के मध्यस्थता प्रयासों के तहत एक दो-भागों वाली प्रस्ताव सूची सौंपी है:
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स्थायी शांति स्थापना के उपाय
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युद्धविराम लागू करने की रूपरेखा
यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल ने इन प्रस्तावों को समीक्षा के लिए स्वीकार किया है और कहा गया है कि वे जल्द जवाब देंगे।
मानवता के नाम ‘शव वापसी’ का प्रस्ताव
रूस ने घोषणा की है कि वह यूक्रेन के 6,000 सैनिकों के शवों को एकतरफा रूप से लौटाएगा। ये शव अगले सप्ताह सौंपे जाएंगे ताकि सम्मानजनक अंतिम संस्कार किया जा सके।
‘सभी के बदले सभी’ कैदियों की अदला-बदली
रूस और यूक्रेन दोनों ने इस पर सहमति जताई कि गंभीर रूप से घायल और युवा (25 वर्ष से कम आयु के) सैनिकों की अदला-बदली ‘सभी के बदले सभी’ सिद्धांत पर की जाएगी।
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लगभग 1,000 से अधिक बंदियों की अदला-बदली संभावित है।
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सूची पर अंतिम सहमति जल्द दी जाएगी।
चिकित्सकीय आयोग का गठन
गंभीर रूप से घायल सैनिकों की पहचान और अदला-बदली की प्रक्रिया को तेज करने के लिए दोनों पक्षों ने स्थायी चिकित्सकीय आयोगों के गठन पर सहमति दी है। यह कदम राजनीतिक निर्णयों की प्रतीक्षा किए बिना मानवीय आधार पर उठाया जाएगा।
सीमावर्ती क्षेत्रों में अस्थायी युद्धविराम
रूस ने सीमावर्ती इलाकों में 2-3 दिन का अल्पकालिक युद्धविराम लागू करने का प्रस्ताव रखा है।
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इसका उद्देश्य यूक्रेनी सैनिकों के शवों को सम्मानपूर्वक सौंपना है।
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दोनों सेनाएं समन्वय से काम करेंगी ताकि धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार सुनिश्चित हो सके।
बच्चों के मुद्दे पर रूस का स्पष्टीकरण
रूसी प्रतिनिधिमंडल ने यूक्रेन द्वारा लगाए गए बच्चों के कथित अपहरण के आरोपों को खारिज करते हुए कहा:
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“15 लाख”, “2 लाख”, और फिर “20,000” बच्चों के गायब होने के दावों के स्थान पर रूस को अब जो सूची प्राप्त हुई है, उसमें केवल 339 नाम हैं।
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इनमें से कई बच्चों को युद्ध क्षेत्रों से बचाया गया है।
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अब तक 101 बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया जा चुका है, और 22 बच्चे यूक्रेन लौट चुके हैं।
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मेदिन्स्की ने कहा कि एक भी बच्चे का अपहरण नहीं हुआ है। हर मामले की जांच की जा रही है।
मीडिया प्रचार पर रूस का आरोप
मेदिन्स्की ने दावा किया कि यूक्रेन इस मुद्दे को “यूरोपीय सहानुभूति” पाने का माध्यम बना रहा है। उन्होंने कहा कि “यह संख्या और वास्तविकता में बहुत बड़ा अंतर है। हम पूरी पारदर्शिता से हर बच्चे को उसके परिवार से मिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
निष्कर्ष
इस्तांबुल वार्ता में रूस की ओर से पेश की गई शर्तें मानवीय और सैन्य दोनों पहलुओं को कवर करती हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यूक्रेन इन प्रस्तावों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या यह बातचीत वास्तविक युद्धविराम की दिशा में बढ़ती है।
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