Breaking News

समरावता हिंसा के पीड़ितों को सरकार देगी मदद, देखें पूरी सूची

राजस्थान सरकार ने टोंक जिले के समरावता गांव में उपचुनाव के दौरान हुई हिंसा के पीड़ितों के लिए आर्थिक मदद का ऐलान किया है।

घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायता

सरकार ने हिंसा में घायल हुए लोगों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि मंजूर की है। इस सूची में संजय मीणा पुत्र गुन्ना लाल, राजंती मीणा पत्नी दयाराम, बलराम पुत्र आशाराम, फूलचंद पुत्र जगदीश, कजोड़ पुत्र छीतर, दिलहाग पुत्र प्रेमराज और मीठालाल पुत्र रामनिवास शामिल हैं।

जलकर राख हुए वाहनों के लिए भी मुआवजा

घटना के दौरान जिन दुपहिया वाहनों को आग लगा दी गई थी, उनके मालिकों को 30-30 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। चौपहिया वाहन मालिकों को एक-एक लाख रुपये मिलेंगे। इसके अलावा चल और अचल संपत्तियों के नुकसान पर 50 हजार और 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने सौंपी थी रिपोर्ट

इससे पहले 2 अप्रैल 2025 को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की कमेटी ने राज्य सरकार को एक रिपोर्ट दी थी। इसमें पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए थे और 30 दिन के भीतर जवाब मांगा गया था। साथ ही एसडीएम पर जबरन वोटिंग कराने के आरोप भी लगाए गए थे।

समरावता हिंसा का पूरा घटनाक्रम

13 नवंबर 2024 को देवली-उनियारा विधानसभा सीट के उपचुनाव के मतदान के दिन, नरेश मीणा ने एसडीएम अमित चौधरी पर जबरन वोटिंग कराने का आरोप लगाकर उन्हें थप्पड़ मार दिया था। इसके बाद पुलिस ने नरेश मीणा को हिरासत में ले लिया। उनके समर्थकों ने पुलिस से भिड़कर नरेश मीणा को छुड़ा लिया। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और ग्रामीणों पर पत्थरबाजी के आरोप लगे। हिंसा में कई गाड़ियों को आग लगा दी गई। अगले दिन पुलिस ने नरेश मीणा को गिरफ्तार कर लिया और ग्रामीणों पर कार्रवाई शुरू की।

About admin

Check Also

जयपुर नगर निगम में BJP बोर्ड गठन की तैयारी, मेयर चुनाव को लेकर बढ़ी हलचल

जयपुर नगर निगम चुनाव परिणामों के बाद अब बोर्ड गठन की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक …

प्रातिक्रिया दे

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Channel 009
help Chat?