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धौलपुर के करौली-धौलपुर वन्यजीव अभ्यारण्य में एक बाघ की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही वनविभाग के अधिकारी परेशान हो गए। सूचना के बाद रणथंभौर अभ्यारण्य से एक्सपर्ट और चिकित्सकों की टीम को तुरंत बुलाया गया। वन विभाग की टीम और एक्सपर्ट ने अभ्यारण्य में बाघ की तलाश की।
बाघ की दहाड़ से एक्सपर्ट टीम को बाघ का सुराग मिला, लेकिन अंधेरे के कारण उसे ट्रेंकुलाइज नहीं किया जा सका। रेंजर राजेश मीणा ने बताया कि बाघ की तबीयत नासाज थी और वह चलने-फिरने में असमर्थ था। बताया जा रहा है कि बाघ को फूड पॉइजनिंग हो सकती है।
गौरतलब है कि तीन दिन पहले, खनिज विभाग की विजीलेंस टीम ने अभ्यारण्य में अवैध खनन की जांच की थी, लेकिन खनन का कोई प्रमाण नहीं मिला। हालांकि, टीम को बाघ के पगमार्क मिले थे। वन विभाग ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों को अकेले खेतों में जाने से मना किया और समूह में जाने की सलाह दी।
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