लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) के गरीब और भूमिहीन पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बकरी पालन योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य लोगों को रोजगार देना, पोषण बढ़ाना और बकरी पालन को एक सफल व्यवसाय के रूप में विकसित करना है।
क्या है बकरी पालन योजना?
इस योजना के तहत सरकार SC वर्ग के बेरोजगार लोगों को 90% अनुदान पर बकरियाँ और बकरा देगी ताकि वे खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें। इससे न सिर्फ उनकी आमदनी बढ़ेगी बल्कि दूध और मांस के उत्पादन में भी इजाफा होगा।
योजना का ढांचा
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हर जिले में हर साल 10 बकरी पालन इकाइयाँ स्थापित होंगी
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एक इकाई में मिलेगा:
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1 नर बकरा
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5 मादा बकरियाँ
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कुल लागत: ₹60,000
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सरकार देगी: ₹54,000 (90%)
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लाभार्थी देगा: ₹6,000 (10%)
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कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
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SC वर्ग का कोई बेरोजगार महिला या पुरुष
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उम्र 18 साल से ऊपर हो
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बकरी रखने के लिए जगह हो (शेड या खुला स्थान)
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बकरी पालन का प्रशिक्षण लिया हो (इटावा या मथुरा के प्रशिक्षण संस्थान से)
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विधवा या बेसहारा महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी
क्या-क्या मिलेगा इस योजना में?
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नर और मादा बकरियों की खरीद
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बीमा की सुविधा
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पशु चिकित्सा
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बकरियों के परिवहन का खर्च
क्यों खास है यह योजना?
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कम लागत में शुरू होने वाला व्यवसाय
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दूध और मांस बेचकर मिलेगी नियमित आमदनी
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पोषण और महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा
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ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेगा
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कुपोषण की समस्या भी कम होगी
निगरानी और लागू करने की प्रक्रिया
राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की जाए और उन्हें प्रशिक्षण दिलाया जाए। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही बकरियाँ दी जाएंगी। पूरी प्रक्रिया पर प्रशासन की निगरानी होगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
क्या बोले अधिकारी?
पशुधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह योजना सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए बहुत फायदेमंद होगी। इससे बकरी पालन को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।”
सितंबर तक योजना की पहली बकरियाँ बांटे जाने की उम्मीद है।
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