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फूड बैंक की मांग और खाद्य सुरक्षा नीति
राजस्थान में खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने और खाद्य अपशिष्ट को कम करने की दिशा में एक नई पहल की गई है। अन्नाशेत्र फाउंडेशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े से मुलाकात की और राज्य में फूड बैंक स्थापित करने की मांग की। इस पहल का उद्देश्य हर जिले में फूड बैंक बनाकर अधिशेष (बची हुई) खाद्य सामग्री को पुनः उपयोग के लिए संगठित करना है, ताकि इसे जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा सके।
विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर महत्वपूर्ण चर्चा
यह बैठक विश्व खाद्य दिवस (16 अक्टूबर) के उपलक्ष में आयोजित की गई थी। फाउंडेशन के प्रबंध ट्रस्टी डॉ. विवेक एस. अग्रवाल ने राज्यपाल को एक पुस्तिका भेंट की, जिसमें खाद्य अपशिष्ट के परिदृश्य का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया गया था। इस पुस्तिका का नाम ‘फूड वेस्ट: रेस्क्यू एंड रियूज’ था, जिसे राज्यपाल ने विमोचित भी किया। पुस्तिका में खाद्य सामग्री की बर्बादी को रोकने और इसे समाज के कमजोर वर्गों तक पहुंचाने के तरीके बताए गए हैं।
राज्यपाल के निर्देश और सराहना
राज्यपाल ने इस पहल की सराहना करते हुए राजभवन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार का भोजन बर्बाद न किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से बड़े आयोजनों, जैसे शादियों, पार्टियों, और समारोहों में बची हुई खाद्य सामग्री को इकट्ठा कर जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
फाउंडेशन की टीम और सुझाव
फाउंडेशन के अन्य सदस्यों, जैसे सत्येन चतुर्वेदी, शिवांगी सुल्तानिया, डॉ. राजीव अग्रवाल, चारू गोस्वामी, और राम दास तरुण ने राज्यपाल को फाउंडेशन द्वारा प्रदेश में संचालित विभिन्न खाद्य सुरक्षा गतिविधियों के बारे में भी जानकारी दी। उनके अनुसार, राज्य में फूड बैंक की स्थापना से जहां एक ओर बर्बाद हो रहे भोजन का सदुपयोग होगा, वहीं दूसरी ओर गरीब और जरूरतमंद लोगों को पोषण युक्त भोजन उपलब्ध हो सकेगा।
समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की पहल
यह पहल राजस्थान में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए एक अहम कदम साबित हो सकती है।
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