इडाहो के कूर्ट डी’अलेन (Coeur d’Alene) में रविवार को एक झाड़ी में लगी आग बुझाने पहुंचे दमकलकर्मियों पर अचानक गोलीबारी कर दी गई, जिसमें दो वरिष्ठ अधिकारी मारे गए और एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया।
🔥 आग से शुरू हुई थी घटना, गोलीबारी में तब्दील हो गई
यह सब तब शुरू हुआ जब फायर ब्रिगेड की टीम कैनफील्ड माउंटेन क्षेत्र में लगी झाड़ी की आग बुझाने पहुंची। यह इलाका हाइकिंग और बाइकलिंग के लिए प्रसिद्ध है।
स्थानीय शेरिफ बॉब नॉरिस ने बताया कि जब दमकलकर्मियों ने एक व्यक्ति से अपना वाहन हटाने को कहा, तो उसने अचानक गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
😱 अंधाधुंध गोलियों से मचा हड़कंप
पहले कुछ घंटों तक स्थिति बेहद तनावपूर्ण और अस्थिर रही। फायर ब्रिगेड और पुलिस को “स्नाइपर फायर” का सामना करना पड़ा।
शेरिफ ने प्रेस को बताया,
“हमें नहीं पता कि कितने हमलावर हैं और कितने लोग घायल हुए हैं। मगर यह ज़रूर साफ था कि हमारे जवान गंभीर खतरे में हैं।”
👨🚒 शहीद दमकलकर्मियों के नाम
-
फ्रैंक हारवुड (42) – बटालियन चीफ़, जिन्होंने 17 साल कूटेनेई काउंटी फ़ायर डिपार्टमेंट में सेवा दी।
-
जॉन मॉरिसन (52) – कूर्ट डी’अलेन फ़ायर डिपार्टमेंट के बटालियन चीफ़, जिनका 28 वर्षों का लंबा अनुभव था।
-
डेविड टायसडेल (47) – फ़ायर इंजीनियर, जो अब भी गंभीर हालत में हैं और दो सर्जरी से गुजर चुके हैं।
📱 मोबाइल डेटा ने खोला सुराग
पुलिस ने करीब 17,000 वर्ग फीट इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया।
मोबाइल लोकेशन डेटा के जरिए उन्होंने एक स्थिर सिग्नल पकड़ा।
जब कमांडो टीम उस जगह पहुंची तो एक व्यक्ति का शव और उसके पास हथियार मिला। माना जा रहा है कि यही व्यक्ति हमलावर था।
आग पास में फैल रही थी, इसलिए पुलिस को जल्दी शव को सुरक्षित निकालना पड़ा ताकि वह जल न जाए।
🔎 हमलावर की पहचान और जांच
हमलावर की पहचान वेस रॉली (Wess Roley) के रूप में हुई है। वह अकेले ही इस हमले को अंजाम दे रहा था।
पूरे इलाके की तलाशी ली जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि और कोई हथियार आसपास न हो।
🚒 शहीदों को अंतिम सम्मान
सोमवार को एक विशेष प्रोसेशन (श्रद्धांजलि यात्रा) निकाली गई, जिसमें फायर ब्रिगेड और पुलिस की गाड़ियों ने उनके शवों को अस्पताल से वॉशिंगटन स्थित मेडिकल एग्ज़ामिनर कार्यालय तक पहुंचाया। मंगलवार को उन्हें वापस उनके शहर लाया जाएगा।
🇺🇸 राज्यपाल ने झुकाया झंडा
इडाहो के गवर्नर ब्रैड लिटिल ने इस घटना को “निर्दयी और अस्वीकार्य” बताते हुए राज्य और अमेरिका का झंडा झुकाने का आदेश दिया।
“हमने कभी फायरफाइटर्स के खिलाफ ऐसी हिंसा नहीं देखी। यह इडाहो नहीं है। यह नुकसान पूरे देश के लिए दुखद है।”
यह घटना दर्शाती है कि हर मोर्चे पर डटे रहने वाले अग्निशामक भी असुरक्षित हैं, और ऐसी हिंसात्मक घटनाओं से समाज को गहराई से सोचने की जरूरत है।
CHANNEL009 Connects India
