जिनेवा/वॉशिंगटन: अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक तनाव के बीच एक बड़ी राहत की खबर आई है। दोनों देशों ने आखिरकार एक व्यापक व्यापार समझौते पर सहमति जता दी है। यह घोषणा अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “ट्रुथ सोशल” पर की।
ट्रंप ने किया समझौते का ऐलान
ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा, “हम जिनेवा में चीन के साथ एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते की घोषणा करते हैं।” उनके साथ साझा किए गए दस्तावेज में अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट और व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर की टिप्पणियां भी शामिल थीं।
बातचीत में हुई अहम प्रगति
ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने बताया, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार वार्ता में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। हम स्विट्जरलैंड सरकार के शुक्रगुजार हैं, जिन्होंने इस प्रक्रिया के लिए उत्कृष्ट वातावरण प्रदान किया।” उन्होंने यह भी कहा कि इस बैठक की उत्पादकता आशा से कहीं बेहतर रही और सभी प्रमुख बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई।
ट्रेड डील से हटेगा ट्रेड गैप का दबाव
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा, “दो दिनों की वार्ता बेहद सकारात्मक और रचनात्मक रही। यह समझौता दर्शाता है कि मतभेद इतने गहरे नहीं थे, जितना माना गया था। यह अमेरिका के $1.2 ट्रिलियन के व्यापार घाटे को संतुलित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
गौरतलब है कि अमेरिका ने पहले चीन के खिलाफ व्यापार असंतुलन और कथित अनुचित व्यापार प्रथाओं के चलते टैरिफ (आयात शुल्क) लगाए थे, जिसे ट्रंप प्रशासन ने “राष्ट्रीय आपातकाल” के रूप में प्रस्तुत किया था।
निष्कर्ष:
अमेरिका और चीन के बीच यह समझौता न केवल वैश्विक बाजारों को स्थिरता देने वाला कदम है, बल्कि यह संकेत भी है कि वैश्विक महाशक्तियाँ व्यापारिक कूटनीति के जरिए विवादों का समाधान खोज सकती हैं। अब सभी की नजरें उस ब्रीफिंग पर होंगी जो अमेरिकी पक्ष द्वारा अगले दिन प्रस्तुत की जानी है।
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