वॉशिंगटन डीसी की अमेरिकी संसद में गुरुवार को एक चौंकाने वाला दृश्य सामने आया, जब एक कार्यक्रम के दौरान ईरान के शाहेद-136 ड्रोन को प्रदर्शित किया गया। यह वही ड्रोन है जिसे रूस ने यूक्रेन युद्ध में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है। अमेरिकी सांसदों ने मंच से कड़ा संदेश देते हुए ईरान की बढ़ती सैन्य भूमिका और ड्रोन तकनीक को वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया।
कार्यक्रम के दौरान सदन के स्पीकर माइक जॉनसन और अन्य प्रमुख रिपब्लिकन सांसदों ने स्पष्ट किया कि ईरान, चीन और उत्तर कोरिया—तीनों रूस के साथ मिलकर वैश्विक अस्थिरता फैला रहे हैं। इस ड्रोन की सार्वजनिक प्रदर्शनी ने ईरान के ड्रोन कार्यक्रम पर अमेरिका और उसके सहयोगियों की चिंता को एक ठोस रूप दे दिया।
यूक्रेन युद्ध से लेकर मिडल ईस्ट तक ईरान की गहरी दखल
अमेरिकी सांसदों ने जोर देकर कहा कि शाहेद-136 सिर्फ एक हथियार नहीं, बल्कि ईरान की भूराजनीतिक रणनीति का प्रतीक बन चुका है। चाहे वो सीरिया हो, यमन हो या लेबनान—ईरानी ड्रोन विभिन्न संघर्ष क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहे हैं। अब जब यूक्रेन की धरती पर भी ये ड्रोन देखे जा रहे हैं, पश्चिमी देशों की बेचैनी और भी बढ़ गई है।
कौन था आयोजनकर्ता?
इस कार्यक्रम का आयोजन यूनाइटेड अगेंस्ट न्यूक्लियर ईरान (UANI) नामक संगठन ने किया था, जो ईरान के परमाणु और सैन्य खतरों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर जागरूकता फैलाने में जुटा है। कैनन ऑफिस बिल्डिंग में आयोजित इस कार्यक्रम में सुरक्षा विशेषज्ञों, सांसदों और रणनीतिक विश्लेषकों ने भाग लिया।
शाहेद-136: उड़ता खतरा
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प्रकार: कामिकेज़ स्टाइल (आत्मघाती) ड्रोन
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उपयोगकर्ता: रूस, ईरान, हिजबुल्ला, हूती विद्रोही
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दिशा: सैन्य ठिकानों, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिहायशी इलाकों पर सटीक हमले
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चिंता का कारण: सस्ती लागत, बड़ी संख्या में तैनाती और कम प्रतिक्रिया समय
निष्कर्ष: वैश्विक सहयोग की जरूरत
अमेरिकी सांसदों ने एक सुर में कहा कि अब समय आ गया है जब पश्चिमी देशों को साझा रणनीति के तहत ईरान के सैन्य विस्तार को रोका जाना चाहिए। इस बढ़ते खतरे से निपटने के लिए तकनीकी, सैन्य और राजनयिक तीनों मोर्चों पर एकजुट कार्रवाई ज़रूरी है।
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