वॉशिंगटन/मुंबई: भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुई सैन्य तनातनी के बाद नियंत्रण रेखा पर बनी शांति को लेकर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए दावे पर अब सवाल उठे हैं। अमेरिकी कांग्रेस सदस्य श्री थानेदार ने स्पष्ट कहा है कि ट्रंप के पास इस संघर्षविराम (सीजफायर) का श्रेय लेने का कोई ठोस आधार नहीं है।
“राजनीतिक लाभ के लिए कर रहे हैं दावा”
मुंबई मराठी पत्रकार संघ के एक कार्यक्रम में बोलते हुए श्री थानेदार ने कहा,
“भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम की पहल पूरी तरह दोनों देशों की स्वतंत्र कार्रवाई थी। ट्रंप इस पर श्रेय लेकर केवल राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। इस दावे का कोई प्रमाण या आधार नहीं है।”
भारत की जवाबी कार्रवाई के बाद हुआ था शांति प्रयास
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में सीमापार आतंकी ठिकानों और एयरबेस पर निशाना साधते हुए सख्त कार्रवाई की थी। इसके बाद पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम की पेशकश की गई, जिसे भारत ने स्वीकार किया। यही स्थिति अब सीमा पर अस्थायी शांति का कारण बनी हुई है।
“भारत-पाक विवाद को सुलझाने में सक्षम हैं”
सांसद थानेदार ने यह भी जोड़ा कि भारत और पाकिस्तान अपने मुद्दे सुलझाने में सक्षम हैं और किसी तीसरे पक्ष, विशेषकर अमेरिका, को मध्यस्थता के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि भारत के आत्मरक्षा में उठाए कदमों को अमेरिका ने भी समझा और समर्थन दिया।
“ट्रंप के दावों का कोई आधार नहीं”
अंत में श्री थानेदार ने दोहराया कि ट्रंप द्वारा किया गया संघर्षविराम का दावा आधारहीन और भ्रामक है।
“भारत और पाकिस्तान के बीच हुई इस सीजफायर प्रक्रिया में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं रही, और यह केवल ट्रंप का एकतरफा बयान है।”
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