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आजमगढ़। जिले के सात अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत विद्यालयों में भर्ती और वेतन भुगतान में गड़बड़ी की जांच के बीच शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। एसआईटी जांच पूरी होने तक 22 शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है।
यह कार्रवाई संयुक्त शिक्षा निदेशक, आजमगढ़ मंडल के निर्देश पर की गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक उपेंद्र कुमार ने बताया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती या कोई नया आदेश नहीं आता, तब तक इन कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलेगा।
सूत्रों के अनुसार, आगे और भी लोगों के नाम इस जांच में शामिल हो सकते हैं।
जिन विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन रोका गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
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श्री संस्कृत माध्यमिक विद्यालय, रानी की सराय: इंद्रेश चतुर्वेदी, आराधना सिंह, अर्चना तिवारी
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श्री सांज्ञवेद संस्कृत महाविद्यालय, हनुमानगढ़ी: आनंद मणि चतुर्वेदी, प्रियंका पांडेय, लिपिक मंगलदीप मिश्र
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श्री राम संस्कृत पाठशाला, बाझगांव झउवां: मिथिलेश कुमार मिश्र, सौरभ यादव, मंजू
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श्री भवानंद संस्कृत माध्यमिक विद्यालय, पुनर्जी: पूर्णेंद्र द्विवेदी, मनीष द्विवेदी, शशिभूषण मौर्य, सिंहासन पांडेय (परिचायक), चंदन पांडेय, राजाराम चौहान, अश्विनी
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श्री वैष्णो हरिहरदास संस्कृत विद्यालय, शेरपुर कुटी: रामप्रसाद दुबे, बबीता निषाद, कृष्णा यादव, सुरेखा यादव
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श्री भुवाल स्मारक महाविद्यालय: गीता पटेल
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श्री हरिशंकर संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, किशुनदासपुर: अमरनाथ राय
इस कार्रवाई से संस्कृत विद्यालयों में हड़कंप मच गया है। शिक्षा विभाग का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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