डोभाल के साथ बैठेंगे चीन-रूस और BRICS देशों के टॉप ऑफिसर, दो दिन का एजेंडा अहम
channel_009 | International News
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल आज चीन, रूस और BRICS देशों के टॉप सिक्योरिटी ऑफिसर्स के साथ अहम बैठक में शामिल होंगे। यह बैठक दो दिन तक चलेगी और इसमें वैश्विक सुरक्षा, आतंकवाद, साइबर क्राइम, सीमा विवाद और बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
BRICS देशों की यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट, अमेरिका-ईरान तनाव और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शक्ति संतुलन जैसे मुद्दे कई देशों की सुरक्षा नीति को प्रभावित कर रहे हैं।
बैठक में भारत की तरफ से अजीत डोभाल का शामिल होना बेहद अहम माना जा रहा है। डोभाल सुरक्षा और रणनीतिक मामलों में भारत की मजबूत आवाज माने जाते हैं। वे आतंकवाद, सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर भारत का पक्ष रख सकते हैं।
चीन के साथ भारत के रिश्ते अभी भी सीमा विवाद और भरोसे की कमी जैसे मुद्दों से प्रभावित हैं। ऐसे में चीनी अधिकारियों के साथ एक ही मंच पर बातचीत को कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, रूस भारत का पुराना रणनीतिक साझेदार है, इसलिए रूस के साथ सुरक्षा सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर तालमेल भी चर्चा का हिस्सा हो सकता है।
दो दिन के एजेंडे में आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, साइबर सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा, डिजिटल खतरे और बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने जैसे विषय प्रमुख रह सकते हैं।
channel_009 निष्कर्ष:
डोभाल की BRICS सुरक्षा बैठक भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम है। चीन और रूस जैसे देशों के साथ एक ही टेबल पर बातचीत से क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर भारत की भूमिका और मजबूत हो सकती है।
आपकी राय क्या है — क्या BRICS आने वाले समय में दुनिया की राजनीति में बड़ा शक्ति केंद्र बन सकता है? कमेंट में बताइए।
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