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आतंकवाद के खिलाफ भारत को मिला इंडोनेशिया का समर्थन, कहा—धर्म के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं

जकार्ता।
भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर की गई सटीक कार्रवाई के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को तेजी से समर्थन मिल रहा है। इसी क्रम में एक भारतीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल इंडोनेशिया पहुंचा, जहां आतंकवाद के विरुद्ध भारत की रणनीति को लेकर जबरदस्त समर्थन देखने को मिला।

इंडोनेशिया की प्रमुख राजनीतिक पार्टी नेशनल मैंडेट पार्टी (PAN) ने आतंकवाद पर भारत की सख्त नीति का समर्थन करते हुए साफ किया कि किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि के लिए धर्म या जाति को आधार नहीं बनाया जा सकता। यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान लगातार भारत पर आतंकी हमलों का आरोप झेल रहा है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अलग-थलग पड़ता जा रहा है।

भारत को मिला नैतिक और कूटनीतिक साथ

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जनता दल (यू) के सांसद संजय कुमार झा ने किया। इस दौरे का मकसद था भारत के आतंकवाद विरोधी रुख से अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर इंडोनेशियाई नेतृत्व, थिंक टैंकों, मीडिया और मित्र देशों के राजनयिकों को अवगत कराना। प्रतिनिधिमंडल ने जकार्ता में PAN पार्टी के नेताओं और स्थानीय राजनयिकों से मुलाकात की।

बैठक में PAN से डेसी रत्नसारी, फराह पुत्री नाहलिया, ओक्टा कुमाला देवी, डॉ. ड्राजाद विबोवो, स्लैमेट अरियादी और ए. बाकरी जैसे सांसद शामिल हुए। इन नेताओं ने भारत के पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करते हुए पीड़ितों के प्रति संवेदना प्रकट की और आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़े रहने की बात दोहराई।

भारतीय दूतावास की प्रतिक्रिया

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा:
“भारतीय सांसदों ने आतंकवाद पर भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर विचार साझा किए। PAN पार्टी के नेतृत्व ने भारत के रुख को समर्थन देते हुए स्पष्ट कहा कि किसी भी रूप में आतंकवाद अस्वीकार्य है।”

वैश्विक सहयोग की जरूरत पर जोर

प्रतिनिधिमंडल ने मित्र देशों के राजदूतों से भी मुलाकात की, जहां सभी ने एकमत से आतंकवाद की कड़ी निंदा की और वैश्विक स्तर पर एकजुट होकर इसका सामना करने की आवश्यकता को दोहराया। भारत के ऑपरेशन सिंदूर को न केवल आत्मरक्षा का उदाहरण बताया गया, बल्कि इसे संतुलित और निर्णायक कूटनीतिक कदम के रूप में भी देखा जा रहा है।


निष्कर्ष:
भारत और इंडोनेशिया की यह कूटनीतिक साझेदारी आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग को एक नई दिशा दे सकती है। पाकिस्तान के लिए यह घटनाक्रम निश्चित रूप से चिंताजनक है, क्योंकि भारत की रणनीति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर समर्थन मिलता जा रहा है।

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