वॉशिंगटन।
टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच संबंधों में दरार आ गई है। दोनों एक समय तक राजनीतिक और आर्थिक मामलों में साझेदार माने जाते थे, लेकिन अब मस्क ने ट्रंप के प्रमुख आर्थिक प्रस्ताव “वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट” की कड़ी आलोचना करते हुए उनसे दूरी बना ली है। इतना ही नहीं, मस्क ने ट्रंप सरकार की Department of Government Efficiency (DOGE) टीम से भी इस्तीफा दे दिया है।
मस्क ने छोड़ा सरकारी पद
28 मई को मस्क ने सार्वजनिक रूप से ट्रंप प्रशासन के आर्थिक बिल की आलोचना की और अपने पद से इस्तीफे का एलान किया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक अमेरिका के बजट घाटे को और अधिक बढ़ाएगा और खर्च नियंत्रण की DOGE टीम की कोशिशों को कमजोर करेगा।
मस्क ने कटाक्ष करते हुए कहा, “यह बिल या तो बड़ा हो सकता है या सुंदर, लेकिन दोनों नहीं।” उनके इस बयान को ट्रंप के प्रति नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट’?
इस आर्थिक विधेयक में कई बड़े बदलावों का प्रस्ताव शामिल है:
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2017 की टैक्स कटौती को अगले 10 वर्षों तक बढ़ाने की योजना।
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सीमा सुरक्षा और रक्षा खर्च में भारी वृद्धि।
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स्वास्थ्य सेवाओं (Medicaid) में सख्त नियम लागू करना।
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स्वच्छ ऊर्जा सब्सिडी में कटौती।
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सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में संभावित कटौती।
यह विधेयक ट्रंप की आर्थिक नीति “गोल्डन एज” की शुरुआत का आधार माना जा रहा है।
मस्क क्यों हुए नाराज़?
एलन मस्क की अगुवाई में DOGE विभाग का उद्देश्य था—सरकारी खर्च में कटौती, अप्रभावी योजनाओं को समाप्त करना, और फालतू विदेशी सहायता पर रोक लगाना। मस्क का मानना है कि ट्रंप का यह विधेयक इन प्रयासों को नुकसान पहुंचाएगा और फिस्कल अनुशासन की दिशा में पीछे ले जाएगा।
घाटा या बचत: आंकड़ों की जंग
जहां आर्थिक विश्लेषकों का एक वर्ग यह दावा कर रहा है कि यह विधेयक अगले 10 वर्षों में अमेरिकी बजट घाटे को $4 ट्रिलियन तक बढ़ा सकता है, वहीं व्हाइट हाउस का तर्क है कि इससे $1.6 ट्रिलियन की बचत होगी और आर्थिक वृद्धि दर 5.2% तक पहुंच सकती है।
प्रतिनिधि सभा में पारित हुआ विधेयक
यह बिल अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में 215-214 के बेहद मामूली अंतर से पारित हुआ। इस दौरान रिपब्लिकन पार्टी में भी विरोध के स्वर सुनाई दिए, खासकर fiscal hawks ने इसे आर्थिक अनुशासन के खिलाफ बताया। अब यह विधेयक सीनेट में जाएगा, जहां संशोधन या अस्वीकृति की संभावनाएं हैं।
निष्कर्ष:
एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप के बीच उभरा यह टकराव सिर्फ दो प्रभावशाली शख्सियतों का टकराव नहीं है, बल्कि यह अमेरिका की आर्थिक नीति के दो भिन्न दृष्टिकोणों का संकेत भी है—एक ओर खर्च में अनुशासन, तो दूसरी ओर आक्रामक निवेश और टैक्स रिफॉर्म।
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