लंदन:
ब्रिटेन के एक छात्र गैब्रियल शेमिरानी ने अपनी मां की षड्यंत्रकारी स्वास्थ्य मान्यताओं को अपनी जुड़वां बहन की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। गैब्रियल का कहना है कि उनकी मां केट शेमिरानी, जो सोशल मीडिया पर एक हेल्थ इंफ्लुएंसर हैं, ने उनकी बहन पलोमा को कैंसर के वैज्ञानिक इलाज से दूर कर दिया।
मां ने इलाज से किया भ्रमित
24 वर्षीय गैब्रियल ने AFP को बताया कि उनकी मां की झूठी बातों और साजिशी विचारों ने पलोमा को भ्रमित किया।
“वो झूठी जानकारी से भरी हुई थीं… मम्मी ने उसे जीवन रक्षक चिकित्सा से दूर कर दिया।”
पलोमा को 2023 में नॉन-हॉजकिन लिम्फोमा हुआ था — एक ऐसा कैंसर जिसे यूके की NHS “अधिकतर मामलों में इलाज योग्य” मानती है। लेकिन केट ने कीमोथेरेपी को “मस्टर्ड गैस” और “ज़हर का रास्ता” कहकर खारिज कर दिया, और पलोमा को भी ऐसा करने को प्रेरित किया।
वैकल्पिक इलाज बना जानलेवा
पलोमा ने कीमोथेरेपी की बजाय गर्सन थेरेपी को अपनाया — जिसमें सब्ज़ियों का रस और कॉफी एनिमा शामिल होते हैं।
हालांकि, Cancer Research UK कहता है कि इस पद्धति का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।
पलोमा की 2024 में 23 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।
परिवार में फूट, कानूनी प्रयास
गैब्रियल और उनके बड़े भाई सेबास्टियन ने अंतिम महीनों में पलोमा को बचाने के लिए सामाजिक सेवाओं और पुलिस से मदद मांगी, लेकिन सफलता नहीं मिली।
केट शेमिरानी, जो NHS से नर्स के रूप में बर्खास्त हो चुकी हैं, ने X (पहले ट्विटर) पर दावा किया कि पलोमा ने “स्वेच्छा से” इलाज का विकल्प चुना था और उनके साथ किसी प्रकार का मानसिक या शारीरिक दुरुपयोग नहीं हुआ।
गैब्रियल का विरोध और चेतावनी
गैब्रियल का कहना है कि उनकी मां कई षड्यंत्र सिद्धांतों की प्रचारक हैं, जैसे कि कोविड वैक्सीन को खतरनाक बताना, डॉक्टरों को फांसी देने की बातें करना और रॉयल फैमिली को “छिपकली” कहना।
उन्होंने सोशल मीडिया कंपनियों और सरकार से अपील की है कि वे ऐसे झूठे स्वास्थ्य दावों को कड़ाई से नियंत्रित करें:
“अगर आप वैज्ञानिक सहमति के खिलाफ दावे कर रहे हैं, तो सोशल मीडिया को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।”
सोशल मीडिया पर प्रभाव
केट शेमिरानी के सोशल मीडिया पर हजारों फॉलोअर्स हैं — 81,000+ X पर, 28,000 Facebook पर और 21,000 Instagram पर। वह अपने वेबसाइट पर एप्रिकॉट बीज, विटामिन और ‘प्राकृतिक’ परामर्श बेचती हैं।
विशेषज्ञों की चेतावनी
लंदन के सिटी सेंट जॉर्ज यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता स्टेफनी एलिस बेकर के अनुसार, सोशल मीडिया पर ऐसे कंटेंट क्रिएटर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है जो अप्रमाणित और असुरक्षित उपचार बेचते हैं — जैसे कि सौरसॉप चाय, जानवरों की दवाएं, और गेरसन थेरेपी।
“ये एक गंभीर चिंता का विषय है… और इसे सोशल मीडिया कंपनियों के साथ-साथ सरकार को भी नियंत्रित करना होगा।”
अब आगे क्या?
परिवार 28 जुलाई को होने वाली पलोमा की मौत की आधिकारिक जांच (इनक्वेस्ट) की प्रतीक्षा कर रहा है और चाह रहा है कि इस पर पुलिस जांच भी शुरू की जाए।
CHANNEL009 Connects India
