तेहरान:
ईरान की खुफिया एजेंसियों ने इज़राइल के साथ मिलीभगत के आरोप में 26 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उस वक्त सामने आई जब इज़राइल के सेना प्रमुख ने दावा किया कि देश के कमांडो ने हालिया 12-दिवसीय युद्ध के दौरान गुप्त रूप से ईरान की सीमा के भीतर ऑपरेशन किया था।
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स न्यूज के मुताबिक,
“हज़रत वली असर कॉर्प्स की इंटेलिजेंस ऑर्गनाइज़ेशन द्वारा इन व्यक्तियों की पहचान की गई है, जो ज़ायोनिस्ट शासन द्वारा थोपे गए युद्ध में शामिल होकर देश के खिलाफ गतिविधियों में संलिप्त थे।”
👉 क्या थे आरोप?
इन सभी गिरफ्तार लोगों पर निम्नलिखित आरोप लगाए गए हैं:
-
देशविरोधी गतिविधियाँ
-
सार्वजनिक भय और अशांति फैलाना
-
तोड़फोड़ में शामिल होना
एजेंसी के अनुसार, अधिकांश लोगों ने पूछताछ में अपने अपराधों को स्वीकार कर लिया है।
इज़राइल का दावा
इज़राइल के चीफ ऑफ स्टाफ एयाल ज़मीर ने बुधवार को एक टीवी संबोधन में कहा कि उनके विशेष बलों ने ईरान के भीतर गुप्त मिशन को अंजाम दिया।
“हमने ईरान के हवाई क्षेत्र और अन्य जरूरी ठिकानों पर पूरा नियंत्रण स्थापित किया। हमारी वायुसेना और ज़मीनी कमांडो यूनिट्स के समन्वय और रणनीतिक छल से यह संभव हुआ,” ज़मीर ने कहा।
उन्होंने यह भी बताया कि यह अभियान अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के सहयोग से सफल रहा।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
इसी दिन ईरान ने तीन लोगों को इज़राइली एजेंसी के लिए जासूसी के आरोप में फांसी पर चढ़ा दिया।
तेहरान समय-समय पर विदेशी खुफिया एजेंसियों के लिए काम करने वाले एजेंटों की गिरफ्तारी और फांसी की खबरें देता रहा है, खासतौर पर इज़राइल के लिए।
युद्धविराम और दावे
गौरतलब है कि मंगलवार को ईरान और इज़राइल के बीच संघर्षविराम लागू हुआ। इसके बाद से दोनों देश स्वयं को इस टकराव का विजेता घोषित कर चुके हैं।
निष्कर्ष:
इन ताजा गिरफ्तारियों और फांसी की घटनाओं से यह साफ है कि दोनों देशों के बीच तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है, और गुप्त अभियानों तथा कूटनीतिक दाव-पेंचों का सिलसिला जारी है।
CHANNEL009 Connects India
