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उत्तर प्रदेश में विंटेज गाड़ियों का क्रेज! जानिए कौन सा शहर सबसे आगे और रजिस्ट्रेशन का आसान तरीका

उत्तर प्रदेश:
अगर आपको पुरानी, क्लासिक गाड़ियों का शौक है तो ये खबर आपके लिए है। उत्तर प्रदेश में अब 50 साल से ज्यादा पुरानी कारें और बाइक्स ‘विंटेज वाहन’ के तौर पर रजिस्टर की जा सकती हैं। राज्य में फिलहाल 404 विंटेज गाड़ियां रजिस्टर हैं, लेकिन कुछ शहरों में ही इनका जलवा देखने को मिलता है।


कौन सा शहर है सबसे आगे?

परिवहन विभाग के जुलाई 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार:

  • लखनऊ सबसे आगे है, जहां 86 विंटेज वाहन रजिस्टर हैं।

  • प्रयागराज दूसरे नंबर पर है, यहां 82 गाड़ियां रजिस्टर हैं।

  • वाराणसी में 35 और कानपुर में 31 गाड़ियां रजिस्टर हैं।

इन शहरों में विंटेज कार क्लब भी चलते हैं, जहां लोग अपने पुराने शौक को आज भी जिंदा रखे हुए हैं।


कहां-कहां हैं कितनी गाड़ियां?

  • कानपुर और लखनऊ जोन में कुल 264 विंटेज वाहन हैं, जो राज्य की कुल संख्या का दो-तिहाई हिस्सा है।

  • वाराणसी जोन में 89 गाड़ियां रजिस्टर हैं।

  • गोरखपुर और बरेली में 18-18,
    आजमगढ़ में 9,
    बाराबंकी और मुरादाबाद में 8-8,
    बलिया में 7 वाहन हैं।

कुछ जिलों जैसे रायबरेली, हरदोई, फर्रुखाबाद और शाहजहांपुर में केवल 2-2 गाड़ियां रजिस्टर हैं।


24 जिले ऐसे भी जहां एक भी विंटेज गाड़ी नहीं

  • गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर जैसे बड़े शहरों में अभी तक एक भी विंटेज वाहन रजिस्टर नहीं हुआ है।

  • दूसरी ओर, अमेठी, गोंडा, श्रावस्ती, कौशांबी, मऊ, आगरा, ललितपुर जैसे छोटे जिलों में कम से कम एक विंटेज गाड़ी मौजूद है।


क्यों है कुछ शहरों में ज्यादा विंटेज गाड़ियां?

पूर्व CRPF महानिदेशक आनंद प्रकाश माहेश्वरी का कहना है कि शाही परिवारों वाले शहरों में पहले से ही इन गाड़ियों का लगाव था। जैसे लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी, जहां की शाही विरासत की वजह से आज भी इन गाड़ियों को लोग शौक से रखते हैं।


विंटेज वाहन का रजिस्ट्रेशन कैसे कराएं?

रजिस्ट्रेशन की शर्तें:

  • वाहन 50 साल से ज्यादा पुराना होना चाहिए।

  • गाड़ी में कोई बड़ा बदलाव न किया गया हो।

  • गाड़ी को रोजाना चलाने या कमर्शियल काम में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
    (आरसी पर ये साफ तौर पर लिखा होगा)

फीस और वैधता:

  • नया रजिस्ट्रेशन: ₹20,000

  • नवीनीकरण (Renewal): ₹5,000

  • रजिस्ट्रेशन 10 साल के लिए वैध होगा।
    इसके बाद हर 5 साल में रिन्यू कराया जा सकता है।


निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में विंटेज गाड़ियों का क्रेज अब धीरे-धीरे बढ़ रहा है, खासकर शाही इतिहास वाले शहरों में। अगर आपके पास 50 साल पुरानी कोई गाड़ी है, और वो अभी भी सही हालत में है, तो आप भी उसे विंटेज कैटेगरी में रजिस्टर करवा सकते हैं और इतिहास के पहियों को सड़कों पर फिर से दौड़ा सकते हैं।

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