एशिया कप 2025 की शुरुआत 9 सितंबर से होने वाली है। इस बार टूर्नामेंट टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा। भारतीय टीम की कमान सूर्यकुमार यादव के हाथों में होगी, जबकि शुभमन गिल उपकप्तान होंगे। विकेटकीपर की भूमिका में संजू सैमसन और जितेश शर्मा को मौका दिया गया है। टीम के स्टार खिलाड़ी ऋषभ पंत पैर की चोट (अंगूठे में फ्रैक्चर) की वजह से बाहर हैं।
कई बार फैंस के मन में यह सवाल आता है कि अगर किसी टी20 मैच का स्कोर बराबर हो जाए, तो उसका नतीजा किस तरह तय होता है। क्या पहले की तरह बॉल आउट होगा या फिर सुपर ओवर?
इसका जवाब साफ है। क्रिकेट में बॉल आउट का नियम 2008 से हटा दिया गया था। अब अगर कोई मैच बराबरी पर छूटता है, तो उसका नतीजा सुपर ओवर से तय किया जाता है।
2008 में आईसीसी (ICC) ने फैसला लिया कि अब टी20 मैच में टाई होने पर बॉल आउट की बजाय सुपर ओवर कराया जाएगा। इंटरनेशनल क्रिकेट में पहला सुपर ओवर 26 दिसंबर 2008 को न्यूजीलैंड बनाम वेस्टइंडीज के मैच में खेला गया था।
आईसीसी के नियमों के मुताबिक, अगर सुपर ओवर में भी दोनों टीमों के रन बराबर रहते हैं, तो एक और सुपर ओवर खेला जाएगा। यह प्रक्रिया तब तक चलेगी जब तक किसी टीम को विजेता घोषित न कर दिया जाए।
सुपर ओवर में दोनों टीमों को सिर्फ 1-1 ओवर खेलने का मौका मिलता है। इसके लिए हर टीम अपने 11 खिलाड़ियों में से 4 खिलाड़ियों को चुनती है –
- 3 बल्लेबाज
- 1 गेंदबाज
जो टीम एक ओवर में सबसे ज्यादा रन बनाती है, वही विजेता घोषित होती है।
एक खास नियम ये भी है कि अगर किसी टीम के 2 बल्लेबाज आउट हो जाते हैं, तो उनकी पारी वहीं खत्म हो जाती है और उन्हें पूरा ओवर खेलने का मौका नहीं मिलता।
एशिया कप 2025 में अगर कोई मैच ड्रॉ होता है, तो उसका फैसला सुपर ओवर से होगा।
सुपर ओवर भी टाई हुआ तो एक और सुपर ओवर खेला जाएगा।
बॉल आउट का जमाना अब खत्म हो चुका है।
अब फैंस के लिए सबसे रोमांचक लम्हा ये होगा कि अगर एशिया कप के किसी मैच में स्कोर बराबर हुआ, तो उन्हें सुपर ओवर का मजेदार ड्रामा देखने को मिलेगा।
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