एशिया कप का इतिहास रोमांचक पारियों से भरा हुआ है। यहां कई बल्लेबाजों ने अपने दम पर मैच का रुख पलट दिया। लेकिन कुछ पारियां ऐसी रहीं, जिनकी चर्चा सिर्फ इसलिए होती है क्योंकि उनमें चौके और छक्कों की बारिश हुई। इन पारियों ने दर्शकों को ऐसा रोमांच दिया जिसे सालों बाद भी फैंस याद करते हैं। आइए जानते हैं उन टॉप 5 पारियों के बारे में, जिनमें बल्लेबाजों ने चौके-छक्कों से ही सबसे ज्यादा रन बनाए।
1. सनथ जयसूर्या (श्रीलंका, 2008)
श्रीलंका के दिग्गज ओपनर सनथ जयसूर्या ने 2008 एशिया कप में बांग्लादेश के खिलाफ कराची में धमाकेदार पारी खेली थी। उन्होंने सिर्फ 88 गेंदों में 130 रन ठोक डाले। इस पारी में उनके बल्ले से 16 चौके और 6 छक्के निकले। यानी जयसूर्या ने अकेले 100 रन सिर्फ बाउंड्री से बनाए। उनका स्ट्राइक रेट लगभग 148 का रहा और उन्होंने अपनी पारी से विरोधी गेंदबाजों को हिला दिया।
2. विराट कोहली (भारत, 2012)
2012 में एशिया कप के दौरान मीरपुर में पाकिस्तान के खिलाफ विराट कोहली ने अपने करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली। उन्होंने 148 गेंदों पर 183 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 22 चौके और 1 छक्का जड़ा। यानी उनकी पारी के 94 रन बाउंड्री से आए। यह पारी आज भी एशिया कप की सबसे शानदार पारियों में गिनी जाती है।
3. शाहिद अफरीदी (पाकिस्तान, 2010)
पाकिस्तान के “बूम-बूम” अफरीदी का नाम आते ही चौके-छक्कों की बरसात याद आ जाती है। 2010 में डंबुला में बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 60 गेंदों पर 124 रन बनाए। इस पारी में उन्होंने 17 चौके और 4 छक्के जड़े। यानी उन्होंने 92 रन चौकों-छक्कों से बना डाले। उनका स्ट्राइक रेट 200 से ऊपर रहा और यह पारी लंबे समय तक याद की गई।
4. मोहम्मद शहजाद (अफगानिस्तान, 2018)
अफगानिस्तान के विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद शहजाद ने 2018 में दुबई में भारत के खिलाफ शानदार शतक लगाया। उन्होंने 116 गेंदों पर 124 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 11 चौके और 7 छक्के निकले। यानी उन्होंने 86 रन चौकों-छक्कों से बटोरे। उनकी यह पारी अफगान क्रिकेट के लिए बेहद खास रही क्योंकि उन्होंने अकेले दम पर भारत जैसी मजबूत टीम को टक्कर दी।
5. बाबर आज़म (पाकिस्तान, 2023)
पाकिस्तान के मौजूदा कप्तान बाबर आज़म ने 2023 एशिया कप में नेपाल के खिलाफ मुल्तान में शानदार खेल दिखाया। उन्होंने 131 गेंदों पर 151 रन ठोके। इस दौरान उन्होंने 14 चौके और 4 छक्के लगाए। यानी बाबर ने 80 रन सिर्फ चौकों और छक्कों से बना दिए। इस पारी में उनका स्ट्राइक रेट 115 से ज्यादा रहा।
एशिया कप में हर साल कई पारियां खेली जाती हैं, लेकिन इन पारियों की खासियत यही है कि इनमें बल्लेबाजों ने बल्ले से चौके और छक्कों की ऐसी झड़ी लगाई, जिसने क्रिकेट फैंस को सीट से उठने पर मजबूर कर दिया। चाहे जयसूर्या का तूफान हो, कोहली का क्लासिक अंदाज़, अफरीदी का विस्फोट, शहजाद का जज्बा या बाबर की नज़ाकत – ये सभी पारियां एशिया कप के इतिहास में हमेशा सुनहरे अक्षरों में लिखी जाएंगी।
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