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एसिडिटी, संक्रमण और डिप्रेशन की कई दवाएं अमानक, प्रदेश में अलर्ट जारी

जयपुर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने जनवरी 2026 के दूसरे पखवाड़े में जांच के बाद कई दवाओं और कुछ कॉस्मेटिक उत्पादों को अमानक घोषित किया है। ये उत्पाद तय गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके बाद राज्यभर के ड्रग कंट्रोल अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि इनका स्टॉक तुरंत बाजार से हटाया जाए।


क्यों अमानक पाई गईं दवाएं?

जांच रिपोर्ट के अनुसार,

  • कुछ दवाओं में सक्रिय तत्व (Assay) की मात्रा कम/गलत पाई गई।

  • कुछ दवाएं लेबल पर किए गए दावों पर खरी नहीं उतरीं।

इनमें एसिडिटी, संक्रमण, डिप्रेशन, नर्व पेन, खांसी-सांस की बीमारी और मल्टीविटामिन से जुड़ी दवाएं शामिल हैं। साथ ही मेहंदी/हेयर कलर जैसे कुछ कॉस्मेटिक उत्पाद भी मानकों पर फेल पाए गए।


ये दवाएं किन बीमारियों में दी जाती हैं?

  • रैबेप्राजोल: एसिडिटी, अल्सर, GERD

  • डॉक्सीसाइक्लिन: बैक्टीरियल संक्रमण

  • नॉर्ट्रिप्टिलीन: डिप्रेशन, नर्व पेन

  • एमोक्सीसिलिन: आम संक्रमण

  • लेवोसाल्ब्यूटामोल/एम्ब्रोक्सोल/ग्वाइफेनेसिन: खांसी और सांस की बीमारी

  • मल्टीविटामिन: पोषक तत्वों की कमी


अमानक घोषित की गई दवाएं और उत्पाद (सूची)

  1. रैबेप्राजोल सोडियम कैप्सूल (PR) – एसिडिटी/अल्सर
    बॉन-ह्यूर फार्मास्युटिकल्स (बैच: BHC-250701752)

  2. डॉक्सीसाइक्लिन + लैक्टिक एसिड बैसिलस टैबलेट – संक्रमण
    टाइम्स फार्मा (बैच: 45143)

  3. नॉर्ट्रिप्टिलीन टैबलेट – डिप्रेशन/नर्व पेन
    प्राइमस फार्मास्युटिकल्स (बैच: PT-0425154)

  4. एमोक्सीसिलिन डिस्पर्सिबल टैबलेट – संक्रमण
    सोमोकेम फार्मास्युटिकल्स (बैच: T-2505545)

  5. मल्टीविटामिन टैबलेट – पोषण की कमी
    हेल्थी लाइफ फार्मा (बैच: 234486)

  6. रैबेप्राजोल + डॉम्पेरिडोन कैप्सूल – एसिडिटी/अपचन
    रेशनी लाइफ साइंसेज (बैच: NBC-012287)

  7. लेवोसाल्ब्यूटामोल + एम्ब्रोक्सोल + ग्वाइफेनेसिन सिरप – खांसी/सांस की बीमारी
    इनोवा कैप्स (बैच: FHYAM015)

  8. पुशप हेन्ना रेड फास्ट कलर
    एम/एस पुशप हेन्ना प्रा. लि., सोजत (बैच: FS-1293)

  9. मेहंदी कोन (नाज़िया)
    एमएस वेनिक इंडिया, ब्यावर (बैच: A1-027)

  10. शृंगार मेहंदी कोन
    एम/एस सांखला मेहंदी उद्योग, सोजत सिटी (बैच: 1025SL)


क्या करें उपभोक्ता?

  • इन बैच नंबर वाली दवाएं/उत्पाद न खरीदें और न इस्तेमाल करें

  • पहले से खरीदी हों तो दवा विक्रेता या ड्रग कंट्रोल कार्यालय से संपर्क करें।

  • कोई दिक्कत हो तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।

स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोपरि है और ऐसे उत्पादों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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