इस्लामाबाद/बीजिंग: भारत के सफल ऑपरेशन सिंदूर के बाद, पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री इशाक डार आगामी सोमवार को चीन की महत्वपूर्ण यात्रा पर रवाना होंगे। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए सैन्य तनाव के बाद क्षेत्र में कूटनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
त्रिपक्षीय वार्ता में अफगानिस्तान भी शामिल
चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में चीन के विदेश मंत्री वांग यी और अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी भी हिस्सा लेंगे। 20 मई को प्रस्तावित इस त्रिपक्षीय वार्ता का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग, सीमा-पार आतंकवाद, और व्यापारिक संपर्क को मजबूत बनाना होगा।
भारत-पाक हालिया सैन्य तनाव की पृष्ठभूमि
इस राजनयिक यात्रा का समय बेहद संवेदनशील है। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान और PoK स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक सैन्य हमले किए थे। भारतीय खुफिया सूत्रों के अनुसार, इन हमलों में 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
इसके जवाब में, पाकिस्तान ने 8 से 10 मई के बीच भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुँच गया। हालाँकि, 10 मई को संघर्ष विराम पर सहमति बन गई, जिसे चीन ने क्षेत्र के दीर्घकालिक हित में एक सकारात्मक कदम बताया।
बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
त्रिपक्षीय वार्ता में ट्रांस-एशियन कनेक्टिविटी, अफगानिस्तान में सुरक्षा स्थिति, और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों पर विशेष फोकस रहेगा। इस बैठक को चीन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भविष्य की सुरक्षा रणनीतियों और आर्थिक साझेदारी के लिहाज़ से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान इस यात्रा के जरिए चीन का भरोसा और सहयोग फिर से मजबूत करना चाहता है, खासकर ऐसे समय में जब भारत की सैन्य कार्यवाही ने उसकी वैश्विक स्थिति को चुनौती दी है।
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