वॉशिंगटन/नई दिल्ली: भारत द्वारा पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किए जाने के बाद, अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पाकिस्तान के रवैये की कड़ी आलोचना की है। भारत ने यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत की, जो 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का जवाब था।
अमेरिका में भारतीय दूतावास का सख्त रुख
अमेरिका में भारतीय मिशन ने अपने बयान में कहा, “उम्मीद थी कि पाकिस्तान खुद आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा, लेकिन उसने उल्टा भारत से ही सबूत मांगे। यह दिखाता है कि पाकिस्तान आज भी आतंकवाद को संरक्षण देने की अपनी नीति से पीछे नहीं हटा है।”
बयान में यह भी कहा गया कि भारत को मजबूर होकर यह सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी, ताकि निर्दोष नागरिकों की हत्या का जवाब दिया जा सके।
भारत की बड़ी कार्रवाई: सिंधु जल समझौता रद्द और बॉर्डर सील
पहलगाम हमले के तुरंत बाद भारत ने सिंधु जल संधि को रद्द कर दिया था, जो भारत-पाकिस्तान के बीच एक अहम समझौता था। इसके साथ ही अटारी-वाघा बॉर्डर को बंद कर दिया गया और सभी पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने का आदेश भी दिया गया। इन कदमों ने पाकिस्तान की चिंताओं को और बढ़ा दिया।
मिसाइल हमलों में तबाह हुए आतंकी अड्डे
भारतीय सेना ने मुजफ्फराबाद, कोटली, बहावलपुर, गुलपुर, भींबेर, सियालकोट, मुरीदके और चक अमरु जैसे पाकिस्तानी इलाकों में स्थित आतंकी ठिकानों को मिसाइल हमलों से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। सेना ने इस ऑपरेशन को “निर्दोषों के न्याय के लिए जरूरी कदम” बताया।
सेना का बयान: “न्याय पूरा हुआ”
भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का पोस्टर साझा करते हुए लिखा, “न्याय पूरा हुआ, जय हिंद।” इस पोस्ट के बाद देशभर में सरकार और सेना की कार्रवाई की सराहना की जा रही है।
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