एडिलेड (ऑस्ट्रेलिया):
ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी हिस्से में एक भारतीय मूल के नागरिक के साथ पुलिस की कथित बर्बरता का मामला सामने आया है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस द्वारा गला दबाने के चलते 42 वर्षीय गौरव कुंडी नामक व्यक्ति गंभीर हालत में कोमा में चला गया है। घटना को लेकर स्थानीय और भारतीय समुदाय में रोष देखा जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने गौरव को जबरन जमीन पर गिराया और फिर एक अधिकारी ने उसकी गर्दन पर घुटना रख दिया। यह वही तरीका है जिससे अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड की जान गई थी। वीडियो फुटेज में गौरव की साथी अमृतपाल कौर को पुलिस से रहम की गुहार लगाते हुए सुना जा सकता है। वह लगातार कहती हैं, “उसे कुछ नहीं किया,” और घटना को अपने फोन से रिकॉर्ड करती हैं।
गौरव, जो दो बच्चों के पिता हैं, को एडिलेड के एक उपनगर से हिरासत में लिया गया था। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि उन पर आरोप क्या थे। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद गौरव तुरंत बेहोश हो गए थे और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें कोमा में घोषित किया गया।
इस घटना ने ऑस्ट्रेलिया में नस्लीय भेदभाव और पुलिस की जवाबदेही को लेकर फिर बहस छेड़ दी है। स्थानीय मानवाधिकार संगठनों और भारतीय समुदाय ने निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सरकार की चुप्पी पर सवाल
अब तक स्थानीय प्रशासन या पुलिस विभाग की ओर से घटना की पूरी जानकारी या स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। घटना की तुलना अमेरिका में हुए जॉर्ज फ्लॉयड मामले से की जा रही है, जिसने वैश्विक स्तर पर पुलिस सुधार और नस्लीय न्याय को लेकर आंदोलन खड़ा कर दिया था।
न्याय की मांग
गौरव की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका परिवार गहरे सदमे में है। स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता “जस्टिस फॉर गौरव” अभियान शुरू कर रहे हैं। इस मामले ने भारतीय प्रवासी समुदाय को गहरी चिंता में डाल दिया है।
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