कांग्रेस पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब जिला और शहर अध्यक्षों के कामकाज की निगरानी सीधे दिल्ली से की जाएगी। यह संकेत दिल्ली में आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान दिए गए।
6 महीने बाद होगा प्रदर्शन का आकलन
पार्टी नेतृत्व ने बताया कि जिलाध्यक्षों के काम का मूल्यांकन छह महीने बाद किया जाएगा। इसमें इन बातों को आधार बनाया जाएगा:
-
संगठन की मजबूती
-
जनता से संपर्क
-
सदस्यता अभियान
-
स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता
-
जमीनी पकड़
अगर किसी जिलाध्यक्ष का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उसे पद से हटाया भी जा सकता है।
10 दिन का आवासीय प्रशिक्षण
फिलहाल एक दिन का ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसके बाद नवनियुक्त जिलाध्यक्षों के लिए 10 दिन का विस्तृत आवासीय प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा। इसकी तारीखें जल्द घोषित की जाएंगी।
राहुल गांधी से सीधा संवाद
प्रशिक्षण के दौरान राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों को संबोधित किया। उन्होंने वन-टू-वन बातचीत भी की।
जिलाध्यक्षों ने अपने-अपने जिलों की राजनीतिक स्थिति, संगठन की चुनौतियों और आने वाली रणनीति पर खुलकर चर्चा की।
कांग्रेस का यह कदम संगठन को मजबूत करने और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
CHANNEL009 Connects India
