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काशी विश्वनाथ में PM मोदी ने देखी ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’, जानिए क्यों है खास
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Kashi Vishwanath Temple में हाल ही में स्थापित ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ का अवलोकन किया। इस अनोखी घड़ी ने अपनी पारंपरिक विशेषताओं और वैज्ञानिक महत्व के कारण सभी का ध्यान खींचा है।
🕰️ क्या है ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’?
‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ भारतीय कालगणना प्रणाली पर आधारित एक विशेष घड़ी है, जो समय के साथ-साथ तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण जैसी वैदिक जानकारी भी दिखाती है। यह आधुनिक घड़ियों से अलग, भारतीय पंचांग प्रणाली को प्रदर्शित करती है।
🌞 क्यों है खास?
- यह घड़ी सूर्य की गति और खगोलीय गणनाओं के आधार पर समय दर्शाती है
- इसमें मुहूर्त और शुभ-अशुभ समय की जानकारी मिलती है
- पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक का अनोखा संगम
- धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण
📍 उज्जैन से जुड़ा है संबंध
इस घड़ी का मूल संबंध Ujjain से माना जाता है, जो प्राचीन काल में समय गणना और खगोल विज्ञान का प्रमुख केंद्र रहा है। सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर इसका नामकरण किया गया है।
🙏 सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी परियोजनाएं भारत की समृद्ध परंपरा और वैज्ञानिक ज्ञान को दुनिया के सामने लाने में मदद करती हैं।
📌 क्या बदलता है इससे?
- लोगों को भारतीय समय गणना की जानकारी मिलेगी
- धार्मिक आयोजनों में सटीक मुहूर्त तय करने में मदद
- पर्यटन और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा
👉 कुल मिलाकर, ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ न केवल समय बताने का साधन है, बल्कि यह भारत की प्राचीन वैज्ञानिक और सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत उदाहरण भी है।
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