कुवैत में एक तलाक केस ने सबका ध्यान खींचा, जब अदालत ने एक व्यक्ति को “अब तक का सबसे बड़ा धोखेबाज़” करार दिया। अदालत में पेश हुए तथ्यों और सबूतों ने उस शख्स की असलियत को उजागर कर दिया, जिसके बाद कोर्ट ने न सिर्फ उसकी याचिका खारिज की, बल्कि बच्चों की कस्टडी भी पत्नी को सौंप दी।
बीमारी का बहाना, पर असलियत कुछ और निकली
अरब टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला तब शुरू हुआ जब कुवैत के एक व्यक्ति ने कोर्ट में तलाक की याचिका दाखिल की। उसने दावा किया कि वह शारीरिक रूप से बीमार है और अपनी पत्नी के साथ नहीं रह सकता। उसने जल्द तलाक देने की गुहार लगाई।
लेकिन अदालत में मामला तब पलट गया जब पत्नी ने उसके अफेयर्स के सबूत पेश कर दिए। कुवैत के जाने-माने वकील मुहम्मद सफर ने पत्नी की ओर से कोर्ट में दलीलें दीं और बताया कि पति ने बीमारी की आड़ में धोखाधड़ी की है।
अफेयर की तस्वीरों ने खोली पोल
सुनवाई के दौरान पत्नी ने कई फोटोग्राफ्स और अन्य सबूत पेश किए, जो उस व्यक्ति के अन्य महिलाओं के साथ संबंधों को साबित कर रहे थे। कोर्ट में उपस्थित लोग यह सब देखकर स्तब्ध रह गए।
अदालत ने व्यक्ति की मंशा को बेनकाब करते हुए कहा, “हमने बहुत से मामले देखे हैं, लेकिन तुम जैसे धोखेबाज़ कम ही देखने को मिलते हैं।”
अदालत का सख्त रुख: बच्चों की कस्टडी छीनी
कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए तलाक की याचिका खारिज कर दी और कहा कि ऐसा झूठ बोलने वाला व्यक्ति बच्चों की देखभाल के लायक नहीं है। बच्चों की कस्टडी मां को सौंप दी गई, जिसे कोर्ट ने अधिक जिम्मेदार और ईमानदार माना।
तलाक की बढ़ती घटनाएं कुवैत में चिंता का कारण
कुवैत में तलाक कोई नई बात नहीं है। 2022 में ही करीब 8,000 तलाक दर्ज किए गए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़ा पारिवारिक व्यवस्था और सामाजिक स्थिरता पर बुरा असर डाल रहा है। सरकार ने हाल ही में तलाक की बढ़ती दर को लेकर चिंता जताई थी, खासकर बच्चों के पालन-पोषण और जन्म दर पर उसके असर को लेकर।
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